विधानसभा चुनाव 2025 में जिले की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। शुक्रवार को प्रथम चरण में हुए मतदान की गिनती देर रात पूरी होने के बाद आए अंतिम परिणामों में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 में से 7 सीटों पर कब्जा जमाया।
जबकि महागठबंधन केवल एक सीट बचा सका। शहर के डीएवी महाविद्यालय एवं डीएवी इंटर कॉलेज में बनाए गए मतगणना केंद्रों पर सुबह से देर शाम तक चले मतदान परिणामों ने जिले में कई नई राजनीतिक हलचलें पैदा कीं। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार महागठबंधन को भारी नुकसान हुआ है। 2020 में जहां महागठबंधन को छह सीटें मिली थीं, वहीं इस बार वह केवल एक सीट पर सिमट गया।
एनडीए को पांच सीटों का फायदा हुआ है। जदयू ने तीन, भाजपा ने तीन और लोजपा (आर) ने एक सीट पर कब्जा जमाया।सबसे चर्चित सीवान विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी एवं स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने राजद प्रत्याशी व बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी को 9370 मतों के अंतर से पराजित किया।
मंगल पांडेय को 92,379 वोट मिले। जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अवध बिहारी को 83,009 वोट प्राप्त हुए। मंगल पांडेय की यह जीत एनडीए के लिए मनोबल बढ़ाने वाली साबित हुई।दरौली विधानसभा क्षेत्र में पहली बार चुनाव मैदान में उतरे लोजपा (आर) प्रत्याशी विष्णुदेव पासवान ने भाकपा माले के दिग्गज नेता और वर्तमान विधायक सत्यदेव राम को 9572 मतों से पराजित कर बड़ा उलटफेर किया।
विष्णुदेव को 83,014 और सत्यदेव राम को 73,442 वोट मिले।बड़हरिया विधानसभा क्षेत्र में जदयू प्रत्याशी इंद्रदेव सिंह पटेल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राजद प्रत्याशी अरुण गुप्ता को 12,136 मतों से शिकस्त दी। इंद्रदेव को 93,600, जबकि अरुण गुप्ता को 81,464 वोट मिले। यह जीत क्षेत्र में स्थानीय नेतृत्व और विकास की उम्मीदों की जीत मानी जा रही है।रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन को एकमात्र जीत मिली, जहां राजद प्रत्याशी ओसामा शहाब ने जदयू के विकास कुमार सिंह को 9248 मतों से पराजित किया। ओसामा शहाब को 88,278 और विकास को 79,030 वोट मिले।जीरादेई विधानसभा क्षेत्र में जदयू प्रत्याशी भीष्म प्रताप सिंह ने भाकपा माले के उम्मीदवार व वर्तमान विधायक अमरजीत कुशवाहा को 2626 मतों से हराया।
