सीवान में प्रथम चरण के तहत 6 नवंबर को आठों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान सम्पन्न हो चुका है। ईवीएम सहित सभी चुनावी सामग्रियों को सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में जमा कर दिया गया था।

लेकिन मतदान के 4 दिन बाद रविवार को शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। सीवान शहर के मौली स्थित एक बथान के समीप खाली पड़ी जमीन और नाले से बड़ी संख्या में VVPAT पर्चे बरामद होने से पूरे शहर में हड़कंप मच गया।

अधिकारियों की मौजूदगी में लगे ‘वोट चोर गद्दी छोड़ो’ के नारे

स्थानीय लोगों ने जब यह पर्चे देखे तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही एसडीओ आशुतोष गुप्ता और एसडीपीओ अजय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने पर्चों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने इसका जोरदार विरोध किया और “वोट चोर गद्दी छोड़ो” के नारे लगाने लगे। भीड़ का कहना था कि जांच की प्रक्रिया मौके पर ही की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

पुलिस में पर्चों को पॉलीथिन बैग में भरकर कब्जे में लिया

काफी देर तक चली बहस और विरोध के बीच नगर थाना प्रभारी विजय यादव ने पर्चों को पॉलीथिन बैग में भरकर अपने कब्जे में लिया। हालांकि इसके बाद भी भीड़ शांत नहीं हुई और मौके पर प्रशासनिक टीम को आम जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा। बाद में अधिकारियों ने पर्चों को नगर थाना ले जाकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।

VVPAT के अधिकांश पर्चे राजद उम्मीदवार विशाल जायसवाल के पक्ष में निकले

सूत्रों के अनुसार, बरामद हुए VVPAT पर्चे महाराजगंज विधानसभा क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। इनमें से अधिकांश पर्चे राजद उम्मीदवार विशाल जायसवाल के पक्ष में निकले हैं।

इसके अलावा जनसुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे भी बरामद हुए हैं। बरामदगी के बाद घटना की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिससे पूरे जिले में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

VVPAT के पर्चे मिलने के बाद मौके पर पुलिस और लोग।
डीएम – एसपी बोले- मॉक पोल के पर्चे

घटना की जानकारी मिलने के बाद डीएम डॉ. आदित्य प्रकाश और एसपी मनोज कुमार तिवारी स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “चुनाव के दिन हर बूथ पर 5 प्रतिशत मॉक पोल कराया जाता है।

यह पर्चे उसी मॉक पोल के प्रतीत हो रहे हैं। हालांकि, ये पर्चे बाहर कैसे आए, इसकी जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

लोग बोले,यदि पर्चे मॉक पोल के हैं, तो इन्हें सील होना चाहिए था

प्रशासन के इस बयान के बावजूद स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक हलकों में संदेह और नाराजगी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि ये मॉक पोल के पर्चे हैं, तो इन्हें भी नियम के तहत सील किया जाना चाहिए था। ऐसे में इनका खुले में मिलना गंभीर लापरवाही या साजिश की ओर इशारा करता है।

गौरतलब है कि इससे पहले समस्तीपुर जिले में भी VVPAT पर्चे बरामद होने की घटना सामने आ चुकी है, जिससे बिहार में चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा पर सवाल और गहरे हो गए हैं। सिवान की यह घटना अब राजनीतिक तूल पकड़ चुकी है और लोग चुनाव आयोग से पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।