किशनगंज में राजेंद्र द्विवेदी की संदिग्ध हत्या के मामले में एक नया मोड़ आया है। मृतक के भतीजे राघवेंद्र दुबे ने सदर थाना में आवेदन देकर रानी कुमारी पर हत्या से जुड़े साक्ष्य मिटाने और संपत्ति पर अवैध कब्जे की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है।

 

उन्होंने स्थानीय मिंटू उर्फ मुकेश कुमार और विकासचंद सरकार को भी इस साजिश में शामिल बताया है। शरीर पर मिले थे चोट के निशान, पोस्टमार्टम में मौत का कारण हत्या यह मामला बीएसएनएल किशनगंज से सेवानिवृत्त राजेंद्र द्विवेदी से जुड़ा है, जिनका निधन 13 अक्टूबर को सिलीगुड़ी के थैलेमस हॉस्पिटल में हुआ था। शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद 15 अक्टूबर को पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें मौत को हत्या करार दिया गया। इस संबंध में रानी कुमारी के खिलाफ किशनगंज न्यायालय में क्रिमिनल केस 747/2025 दर्ज है, जिसकी सुनवाई जल्द होने वाली है। राघवेंद्र दुबे ने थाना में दिया आवेदन।

 

राघवेंद्र दुबे ने थाना में दिया आवेदन। घर की सफाई कर साक्ष्य मिटाने का आरोप केंद्रीय विद्यालय बीएसएफ किशनगंज में कार्यरत रविन्द्र नाथ दुबे के भतीजे राघवेंद्र दुबे ने अपने आवेदन में घटनाक्रम में बताया कि 7 नवंबर को रानी कुमारी एक अज्ञात पुरुष के साथ रूईधासा स्थित मकान में पीछे के रास्ते से घुसीं। उन्होंने ताला तोड़कर घर की सफाई की और संभावित साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया।

 

इसके बाद 9 नवंबर की सुबह फिर सामने के दरवाजे का ताला तोड़ने का प्रयास किया गया, जब स्थानीय लोग वहां मौजूद थे। इस घटना की शिकायत 112 पर पुलिस को दी गई। पुलिस की मौजूदगी में रानी कुमारी ने घर से कपड़े, मच्छरदानी और अटैची सहित कई सामान एक वाहन में लादकर ले गए। राघवेंद्र को आशंका है कि यह हत्या के सबूत मिटाने की एक सुनियोजित साजिश है। उनका कहना है कि यह मकान मृतक राजेंद्र द्विवेदी और उनके भाई की संपत्ति है, जिस पर रानी कुमारी अवैध कब्जा करने की फिराक में हैं। अभियोगी ने मांग की है कि उनके आवेदन को मौजूदा केस रिकॉर्ड में जोड़ा जाए ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।