सूचना मिलने पर सनोखर 112 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को अनुमंडल अस्पताल कहलगांव में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची फिलहाल स्वस्थ है और उसे जरूरी चिकित्सीय जांच के बाद निगरानी में रखा गया है। अस्पताल प्रभारी डॉ. पवन कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी जिला बाल संरक्षण इकाई को दे दी गई है। इकाई की टीम जल्द ही पहुंचकर बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी करेगी।

इसके बाद उसे भागलपुर बाल गृह भेजा जाएगा, जहां नियमानुसार देखभाल की जाएगी। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। लोग इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक मां, जो अपने बच्चे के लिए जान देने को तैयार रहती है। वही मां अगर इतनी निर्दयी बन जाए तो समाज के लिए यह बड़ी चिंता की बात है।

वहीं कुछ लोगों ने कहा कि यदि यह बच्ची जिस किसी को अनचाहा लगा तो वे इसे त्यागने के बजाय किसी सुरक्षित आश्रय या संस्था को सौंपा जा सकता था। पुलिस अब उस महिला की तलाश में जुटी है जिसने यह घिनौना काम किया। इस घटना ने न केवल मानवता को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति भेदभाव और असंवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मासूम बच्ची अस्पताल में सुरक्षित है और उसके बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी अब प्रशासन के हाथों में है।