दरभंगा शहरी विधानसभा से नफीसुल हक रिंकू मैदान में,प्रेसर कुकर छाप पर चुनावी तैयारी तेज,हजारों लोगों की मौजूदगी में हुई बैठक,नफीसुल हक रिंकू,बोले– यह सत्ता नहीं,सम्मान की लड़ाई है
दरभंगा शहरी विधानसभा से नफीसुल हक रिंकू मैदान में,प्रेसर कुकर छाप पर चुनावी तैयारी तेज,हजारों लोगों की मौजूदगी में हुई बैठक,नफीसुल हक रिंकू,बोले– यह सत्ता नहीं,सम्मान की लड़ाई है
दरभंगा शहरी विधानसभा से नफीसुल हक रिंकू मैदान में,प्रेसर कुकर छाप पर चुनावी तैयारी तेज,हजारों लोगों की मौजूदगी में हुई बैठक,नफीसुल हक रिंकू,बोले– यह सत्ता नहीं,सम्मान की लड़ाई है
दस्तक 7 मीडिया दरभंगा :
दरभंगा शहरी विधानसभा क्षेत्र में इस बार चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होता दिख रहा है। पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नफीसुल हक रिंकू ने प्रेसर कुकर चुनाव चिन्ह पर मैदान में उतरकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। लगातार वे शहर के विभिन्न मोहल्लों और इलाकों में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं और आम जनता से आशीर्वाद मांग रहे हैं। सोमवार को रिंकू ने अपने आवासीय कार्यालय परिसर में एक विशेष बैठक का आयोजन किया,जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। बैठक में स्थानीय लोगों के साथ-साथ विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और समर्थक भी मौजूद रहे। माहौल उत्साह और जोश से भरा हुआ था। बैठक को संबोधित करते हुए नफीसुल हक रिंकू ने कहा कि आज कुछ ताकतें मुस्लिम नेतृत्व को कमजोर करने और खत्म करने पर तुली हुई हैं। उन्होंने कहा बहुत कोशिशें की गईं कि मैं चुनाव मैदान में न उतरूं,मुझे डराया-धमकाया गया,समझाने की कोशिश की गई,लेकिन मैंने अपने उसूलों से समझौता नहीं किया। शहरवासियों की मोहब्बत और समर्थन ने मुझे मजबूती दी। रिंकू ने कहा कि आज स्थिति ऐसी बन गई है कि राजनीतिक दल एक-दूसरे को रोकने के बजाय उन्हें रोकने में लगे हैं। उन्होंने साफ कहा कि एनडीए हो या महागठबंधन,दोनों के लिए अब नफीसुल हक रिंकू को रोकना ही सबसे बड़ा मकसद बन गया है। रिंकू ने कहा कि उन्होंने हमेशा जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है। चाहे सीएए और एनआरसी के खिलाफ आंदोलन हो या वक्फ बोर्ड बिल का विरोध,वे हर बार लोगों के बीच रहे हैं। उन्होंने कहा मैंने हमेशा सच्चाई और इंसाफ की राह पर चलने की कोशिश की है। कुछ लोगों ने साजिश के तहत मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाए,लेकिन जनता सब जानती है और सच की जीत हमेशा होती है। उन्होंने आगे कहा कि वे दरभंगा के लोगों के हक की आवाज हर मंच पर उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। उन्होंने कसम खाकर कहा मैं अल्लाह को हाजिर-नाजिर जानकर कहता हूं कि मैंने किसी से कोई सौदा नहीं किया है,न किसी से कुछ लिया है,न किसी दल से कोई समझौता हुआ है। मेरा मकसद सिर्फ अपने शहर और समाज की सेवा करना है। बैठक में मौजूद लोगों ने रिंकू के नेतृत्व में भरोसा जताया और कहा कि वे सच्चे जनसेवक हैं,जो हमेशा जनता के बीच रहते हैं। बैठक के दौरान नफीसुल हक रिंकू ज़िंदाबाद और प्रेसर कुकर छाप मुबारक जैसे नारे गूंजते रहे। मौके पर कई स्थानीय नेता और समाजसेवी भी उपस्थित थे,जिनमें मो.नासिर हुसैन,मो. अनवर अंसारी,मो. फरहानुद्दीन,आस मोहम्मद,मो. उमर,हुसैन अहमद,मो. जिकरी,मो. कुणाल,मो. नसीम,मो. वसीम कुरैशी,मो. अशरफ,मो. आरजू अरूफ,सैय्यद फिरोज आलम,नूनू कुमार गुप्ता,मो. सुभान,तारिक अहमद खान और जीशान अहमद सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का समापन दुआ और आशीर्वाद के साथ हुआ। नफीसुल हक रिंकू ने कहा कि वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी ताकत से मैदान में हैं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव उनके लिए सत्ता का नहीं,बल्कि जनता के अधिकार,सम्मान और नेतृत्व की बहाली का चुनाव है। दरभंगा शहर में नफीसुल हक रिंकू की सक्रियता और उनके जनसंपर्क अभियान ने चुनावी माहौल को और अधिक गरम कर दिया है। अब देखना यह है कि जनता उनके प्रेसर कुकर छाप पर कितनी मुहर लगाती है।