शहर के मेला रोड में संपत्ति विवाद में एक परिवार के दो पुत्र आशीष व आकाश की हत्या मामले में सीआईडी कि टीम मेला रोड निवासी विश्वनाथ प्रसाद के घर पहुंची। इस दौरान सीआईडी के अधिकारी ने मृतक के परिजनों का बारी बारी से बयान दर्ज किया। हालांकि इस दौरान सीआईडी के अधिकारी जांच संबंधी कोई भी बात बताने से इनकार कर दिया। मृतकों के पिता स्थानीय विश्वनाथ प्रसाद ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनके दोनों पुत्रों की हत्या मामले की जांच में पुलिस ने बहुत लापरवाही बरती है।

 

उन्होंने पूरे मामले का एसपी समेत उच्च अधिकारियों से अपने निगरानी में जांच कराने का आग्रह किया था। विश्वनाथ ने बताया कि अगर पुलिस 196/23 में दिए गए आवेदन पर कार्रवाई करती तो 1 अप्रैल 2024 को उनके दोनों बेटों की निर्मम हत्या नहीं होती। यहां तक कि 1 अप्रैल को जब उनकी पुत्री सिमरन ने नगर थानाध्यक्ष से मदद की गुहार लगाई। उस वक्त भी अगर पुलिस जांच करती तो उसके दोनों पुत्रों की जान बच सकती थी। बताया कि दोनों पुत्रों के हत्या मामले में पुलिस ने मेला रोड स्थित घर नानपुर स्थित टुल्लू मुखिया के बगीचे या घटना स्थल जहां से शव मिला, कही की फॉरेंसिक जांच नहीं करवाई।

 

यहां तक कि पुलिस डिटेल नहीं निकाला गया। अगर थानाध्यक्ष, बदमाशों और पुत्रों का कॉल डिटेल निकाला जाए तो छुपाया आया सच अब भी सामने आ सकता है। इधर, उनके पुत्रों की घटना में मुख्य आरोपित संजीव कुमार को छोड़कर जमानत मिल चुकी है। हालांकि आरोपितों को सशर्त जमानत मिली चुकी है। बात दे कि 1 अप्रैल 2024 को श्री प्रसाद के दोनों पुत्र आशीष व आकाश की हत्या कर लावारिस अवस्था में जिले नानपुर व बोखड़ा थाना क्षेत्र में फेंक दिया गया था।