लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की धूम, बिरौल अनुमंडल में सैकड़ों घाटों का निर्माण, युवा वर्ग उत्साह से भरपूर

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर बिरौल अनुमंडल (दरभंगा) में भक्ति और उत्साह का माहौल चरम पर है। छठ व्रतियों की सुविधा के लिए अनुमंडल के सैकड़ों स्थानों पर युद्ध स्तर पर छठ घाटों का निर्माण कार्य चल रहा है।

इस पुनीत कार्य में युवा वर्ग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, जो समाज में सेवा और समर्पण की भावना को दर्शा रहा है।
इस बार छठ पूजा की तैयारियों में स्थानीय युवाओं का जोश देखते ही बन रहा है। वे फावड़े और टोकरियां लेकर घाटों की साफ-सफाई, समतलीकरण और सीढ़ियों के निर्माण में दिन-रात एक किए हुए हैं। उनके इस सामूहिक प्रयास से न केवल घाटों को भव्य रूप मिल रहा है, बल्कि पारंपरिक पर्व की महत्ता को बनाए रखने का संदेश भी जा रहा है।
अनुमंडल के बिरौल प्रखंड अंतर्गत सुपौल बाजार के मंदिर घाट, जिरात, हाटगाछी, रामनगर दुर्गा स्थान, बिरौल चौक, हनुमाननगर, रजबा, उछटी, बलिया, बेंक, डुमरी, पोखराम, सहसराम, पटनिया, परड़ी, आसी, बंगराहठा, बड़गांव, पलवा, कोठराम, परबता, कन्हैइ और कुशेश्वरस्थान, घनश्यामपुर , जमालपुर सहित सैकड़ों अन्य जगहों पर छठ घाट का निर्माण अंतिम चरण में है।
स्वयंसेवकों की टीमें यह सुनिश्चित कर रही हैं कि घाटों तक पहुंचने वाले रास्ते साफ हों, खतरनाक किनारों पर बैरिकेडिंग की जाए, और प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था हो।
छठ घाटों के व्यवस्थित और भव्य निर्माण से स्थानीय श्रद्धालुओं और छठ व्रतियों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि युवाओं की भागीदारी ने छठ पर्व की गरिमा को और बढ़ा दिया है। अब वे बिना किसी असुविधा के अस्त होते और उगते सूर्य को अर्घ्य दे सकेंगे।
यह महापर्व न केवल सूर्य देव और छठी मैया के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है, बल्कि सामुदायिक एकजुटता और निस्वार्थ सेवा की मिसाल भी पेश करता है। युवा वर्ग द्वारा किए जा रहे यह प्रयास समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत है।