बिहार विधानसभा चुनाव के नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने किशनगंज में एक पत्रकार वार्ता की। उन्होंने पार्टी पर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया। ईमान ने कहा कि GDA गठबंधन कुल 59 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है, जबकि AIMIM राज्य की 30 सीटों पर चुनाव मैदान में है।

उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के बाद से ही अख्तरुल ईमान के खिलाफ इलाके में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कई वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिनमें मजलिस पार्टी के नेताओं पर उम्मीदवारों से पैसे लेने के आरोप लगाए गए हैं।

‘जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनकी चुनाव लड़ने की क्षमता नहीं’

इन आरोपों के जवाब में अख्तरुल ईमान ने कहा कि जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनकी चुनाव लड़ने की क्षमता नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट मांगने वाले लोग पार्टी के कार्यक्रमों में 5-10 गाड़ियां भी नहीं ला पाए और सिर्फ एक गाड़ी से खुद ड्राइवर को लेकर पहुंचे थे।

ईमान ने कोचाधामन विधानसभा सीट का जिक्र करते हुए कहा कि वहां ‘धनपशु’ सक्रिय हैं और चुनाव लड़ने में काफी खर्च होता है, लेकिन इन लोगों के पास पैसे नहीं थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोधियों ने कोचाधामन में उनके पिता तक को गाली दी और युवाओं को भड़काने का काम किया।

‘वह एक ‘डकैत पार्टी’ है, लेकिन उसमें अनुशासन’

उन्होंने भाजपा की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक ‘डकैत पार्टी’ है, लेकिन उसमें अनुशासन है। ईमान ने कहा कि भाजपा और अन्य पार्टियों में भी नेताओं के टिकट काटे गए, लेकिन उन लोगों ने कोई हंगामा नहीं किया, हमारे भिखमंगों की तरह नहीं करते।’

अख्तरुल ईमान ने अपने ऊपर लगाए गए झूठे इल्जामों को ऊपर वाले पर छोड़ते हुए न्याय की उम्मीद जताई। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी के दौरे के हेलिकॉप्टर के एक करोड़ से अधिक के कॉन्ट्रैक्ट का जिक्र करते हुए पूछा कि इसका भुगतान कौन करेगा।

अख्तरुल ईमान ने स्पष्ट किया कि जो चुनाव लड़ेगा, वही इसका भुगतान करेगा। उन्होंने कहा, “दो बिल्लियों की लड़ाई में हमेशा बंदर रोटी लेकर जाता है। इनको सत्ता की फिक्र है, बिहार की जनता की नहीं।”