दरभंगा में रात की सुरक्षा पर सवाल: कई जगहों से नदारद दिखी पुलिस गश्ती,दस्तक 7मीडिया की टीम ने रात्रि गश्ती का लिया जायजा।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /

शहर की रात्रि गश्ती व्यवस्था इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए रात में पुलिस की सक्रियता बेहद जरूरी मानी जाती है, मगर शुक्रवार की रात शहर का हाल कुछ और ही बयां कर रहा था। कई प्रमुख स्थानों पर न तो गश्ती वाहन नजर आए, न ही तैनात पुलिस बल — जिससे सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

एकमी पर तैनाती, बाकी जगहों पर सन्नाटा

शहर में प्रवेश के मुख्य बिंदु  एकमी चौक, शोभन मोड़ और दिल्ली मोड़  पर स्थिति भिन्न दिखी। रात करीब साढ़े 12 बजे एकमी चौक पर अर्धसैनिक बल और दंडाधिकारी की उपस्थिति ने सुरक्षा का एहसास दिलाया।

लेकिन शोभन मोड़ और दिल्ली मोड़ पूरी तरह पुलिसविहीन दिखे। दोनों जगह न गश्ती दल नजर आए, न वाहन , जिससे यह स्पष्ट हुआ कि रात्रि निगरानी व्यवस्था में गंभीर कमी है।

मुख्य बाजारों में पुलिस का अता-पता नहीं

दरभंगा टावर क्षेत्र, जो शहर का सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाका है, वहां शुक्रवार की रात साढ़े 11 बजे तक दुकानें खुली रहीं। दीपावली और छठ पर्व के मद्देनजर भीड़ भी खूब रही, लेकिन पुलिस उपस्थिति नगण्य रही। सुरक्षा की दृष्टि से यह बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। वहीं लहेरियासराय लोहिया चौक पर पुलिस की मौजूदगी से वहां कुछ हद तक व्यवस्था बनी रही।

थानों तक सीमित रही गश्ती

कोतवाली और बेंता थाना क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता सिर्फ थाने के आसपास तक सीमित दिखी। शहर की गलियों, चौक-चौराहों या संवेदनशील इलाकों में कोई गश्ती वाहन नहीं दिखा।विश्वविद्यालय थाना केम्पस में पुलिस ड्यूटी करते जरूर नजर आये लेकिन क्षेत्र में गश्ती गाड़ी नहीं मिली।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर पुलिस की गश्ती गाड़ियां केवल “थाने के सामने या सुरक्षित इलाकों में” ही दिखाई देती हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।

जीपीएस से खुलेगा असली सच

शहर में सभी गश्ती वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगा है, जो उनकी वास्तविक लोकेशन का रिकॉर्ड रखता है। सूत्र बताते हैं कि अगर विभाग चाहे तो इस डेटा से यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन-सी गाड़ियां कब और कहां गश्त पर थीं। इससे यह भी सामने आ सकता है कि रात्रि गश्ती सिर्फ “कागजों में” हो रही है या वास्तव में।

सुरक्षा नीति पर पुनर्विचार जरूरी

हाल के दिनों में शहर में छोटे-मोटे अपराध, वाहन चोरी और नशे से जुड़े मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में पुलिस की निष्क्रियता और रात्रि गश्ती की कमी लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित समीक्षा, जीपीएस निगरानी और जवाबदेही तय करने की व्यवस्था से स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।

त्योहार और चुनावी माहौल को देखते हुए दरभंगा पुलिस

प्रशासन को अब अपनी रात्रि गश्ती व्यवस्था की सख्त समीक्षा कर ठोस कदम उठाने होंगे, तभी शहरवासी खुद को सुरक्षित महसूस कर पाएंगे।