बिरौल

बिरौल में उर्दू विद्यालय को छोड़ शेष सरकारी विद्यालयों में छात्रों की उपस्थित रही नग्न।
छात्रों का इंतजार में शिक्षक-शिक्षिका।

राज्य सरकार की ओर से रक्षाबंधन त्यौहार में घोषित छुट्टी अचानक रद्द कर दिये जाने से अनुमंडल के अधिकांश प्राथमिक,मध्य विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति पिछले दिनों की अपेक्षा नग्न देखी गई। हांलाकि छात्रों के कम उपस्थिति वाले विद्यालय के प्रधानाध्यापक घर जाकर अभिभावकों से बच्चों को विद्यालय भेजने को कहा लेकिन प्रधानाध्यापक के अपील को अभिभावक के साथ-साथ छात्रों ने भी ठुकरा दिया। शिक्षक-शिक्षिका सुबह 9 बजे से अपराह्न 4 बजे तक छात्रों का इंतजार करते रहे।


रक्षाबंधन के अवसर पर विद्यालयों का हालचाल लेने दस्तक-7 के संवाददाता जब मध्य विद्यालय अफजला खेबा पहुंचे, तो यहां की स्थिति देख दंग रह गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस विद्यालय में नामांकित छात्रों की संख्या 510 है। जिसमें 250 से 300 बच्चों की दैनिक उपस्थिति रहती है। लेकिन गुरुवार को यानि रक्षाबंधन के दिन यहां कूल 15 बच्चे उपस्थित रहे। वहीं 23 में से 18 शिक्षक-शिक्षिका उपस्थित थे। ज्ञात हो कि नगर पंचायत बिरौल अन्तर्गत 1 उच्च विद्यालय के अलावा 3 मध्य एवं 7 प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जिसमें प्राथमिक विद्यालय जनपट्टी में नामांकित 146 में उपस्थिति शुन्य, प्राथमिक विद्यालय भरही में 190 में उपस्थिति शून्य,मध्य विद्यालय अफजला उर्दू में नामंकित 831 में 533 उपस्थित, उच्च विद्यालय बलिया नामंकित 149 में उपस्थित 10,मध्य विद्यालय बलिया नामांकित 429 में 60 उपस्थित, प्राथमिक विद्यालय बलाठ नामांकित 283में 18 उपस्थित, प्राथमिक विद्यालय चौपाल टोल बलिया नामांकित 111 में 68 उपस्थित, प्राथमिक विद्यालय उसरार में नामांकित 80 में 9 उपस्थित,प्राथमिक विद्यालय काली स्थान बलिया में नामांकित 116 में छात्रों की उपस्थिति शून्य थी। ग्रामीणों में भोला सहनी,चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव रंजीत भगत, गणेश चौधरी,पिंकू सिंह,पूर्व जिला पार्षद मो.इम्तियाज सहित कई लोगों का कहना है कि भाई बहन के इस पवित्र त्यौहार पर राज्य सरकार की ओर से छुट्टी रद्द करने का लिये गये निर्णय सरासर गलत है। इससे छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों में सरकार के प्रति काफी रंजिश है। बीईओ कृष्ण कुमार ने पूछने पर उन्होंने बताया कि छुट्टी रद्द होने से सभी विद्यालय खुली हुई थी।लेकिन स्कूलों में पठन पाठन प्रभावित रहा।

छात्रों का इंतजार में शिक्षक-शिक्षिका।

राज्य सरकार की ओर से रक्षाबंधन त्यौहार में घोषित छुट्टी अचानक रद्द कर दिये जाने से अनुमंडल के अधिकांश प्राथमिक,मध्य विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति पिछले दिनों की अपेक्षा नग्न देखी गई। हांलाकि छात्रों के कम उपस्थिति वाले विद्यालय के प्रधानाध्यापक घर जाकर अभिभावकों से बच्चों को विद्यालय भेजने को कहा लेकिन प्रधानाध्यापक के अपील को अभिभावक के साथ-साथ छात्रों ने भी ठुकरा दिया। शिक्षक-शिक्षिका सुबह 9 बजे से अपराह्न 4 बजे तक छात्रों का इंतजार करते रहे।

रक्षाबंधन के अवसर पर विद्यालयों का हालचाल लेने दस्तक-7 के संवाददाता जब मध्य विद्यालय अफजला खेबा पहुंचे, तो यहां की स्थिति देख दंग रह गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस विद्यालय में नामांकित छात्रों की संख्या 510 है। जिसमें 250 से 300 बच्चों की दैनिक उपस्थिति रहती है। लेकिन गुरुवार को यानि रक्षाबंधन के दिन यहां कूल 15 बच्चे उपस्थित रहे। वहीं 23 में से 18 शिक्षक-शिक्षिका उपस्थित थे। ज्ञात हो कि नगर पंचायत बिरौल अन्तर्गत 1 उच्च विद्यालय के अलावा 3 मध्य एवं 7 प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जिसमें प्राथमिक विद्यालय जनपट्टी में नामांकित 146 में उपस्थिति शुन्य, प्राथमिक विद्यालय भरही में 190 में उपस्थिति शून्य,मध्य विद्यालय अफजला उर्दू में नामंकित 831 में 533 उपस्थित, उच्च विद्यालय बलिया नामंकित 149 में उपस्थित 10,मध्य विद्यालय बलिया नामांकित 429 में 60 उपस्थित, प्राथमिक विद्यालय बलाठ नामांकित 283में 18 उपस्थित, प्राथमिक विद्यालय चौपाल टोल बलिया नामांकित 111 में 68 उपस्थित, प्राथमिक विद्यालय उसरार में नामांकित 80 में 9 उपस्थित,प्राथमिक विद्यालय काली स्थान बलिया में नामांकित 116 में छात्रों की उपस्थिति शून्य थी।

ग्रामीणों में भोला सहनी,चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव रंजीत भगत, गणेश चौधरी,पिंकू सिंह,पूर्व जिला पार्षद मो.इम्तियाज सहित कई लोगों का कहना है कि भाई बहन के इस पवित्र त्यौहार पर राज्य सरकार की ओर से छुट्टी रद्द करने का लिये गये निर्णय सरासर गलत है। इससे छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों में सरकार के प्रति काफी रंजिश है। बीईओ कृष्ण कुमार ने पूछने पर उन्होंने बताया कि छुट्टी रद्द होने से सभी विद्यालय खुली हुई थी।लेकिन स्कूलों में पठन पाठन प्रभावित रहा।