अभियुक्तों की गिरफ्तारी में अव्वल बिरौल पुलिस का मानवीय चेहरा, 15 अभियुक्तों के घर छापेमारी, रिकॉल देख बोले पुलिस पदाधिकारी- “आपसी निपटारे में ही भलाई”
अभियुक्तों की गिरफ्तारी में अव्वल बिरौल पुलिस का मानवीय चेहरा, 15 अभियुक्तों के घर छापेमारी, रिकॉल देख बोले पुलिस पदाधिकारी- “आपसी निपटारे में ही भलाई”
अभियुक्तों की गिरफ्तारी में अव्वल बिरौल पुलिस का मानवीय चेहरा, 15 अभियुक्तों के घर छापेमारी, रिकॉल देख बोले पुलिस पदाधिकारी- “आपसी निपटारे में ही भलाई”
दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
दरभंगा जिला में विभिन्न मामलों में सर्वाधिक अभियुक्तों की गिरफ्तारी का रिकॉर्ड बनाकर प्रथम स्थान हासिल करने वाली बिरौल पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में उस समय एक नया और मानवीय मोड़ आ गया, जब पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा, लेकिन यह निराशा नहीं बल्कि ख़ुशी का विषय बन गया।
बीती रात, गिरफ्तारी में लगातार सफलता के बाद पुलिस टीम ने फरार चल रहे 15 अभियुक्तों के ठिकानों पर अचानक छापामारी की। पुलिस की इस आकस्मिक दस्तक से घर के लोग क्षण भर के लिए घबरा गए। हालांकि, स्थिति तुरंत सामान्य हो गई, क्योंकि इन लोगों ने तत्काल ही पुलिस अधिकारियों के सामने न्यायालय से मिली जमानत और उससे संबंधित रिकॉल (जमानत के बाद गिरफ्तारी वारंट रद्द होने का आदेश) के कागजात प्रस्तुत कर दिए।
रिकॉल की पुष्टि होते ही, पुलिस पदाधिकारी ने अपनी सफलता का डंका बजाने के बजाय, 15 अभियुक्तों के प्रति गहरी संतुष्टि और खुशी जाहिर की। पुलिस टीम ने अभियुक्तों को बधाई देते हुए एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक संदेश दिया।
थानाध्यक्ष चन्द्रमणि ने कहा, “किसी भी मामले को पुलिस में दर्ज करने से पहले, आपसी बातचीत और सुलह से उसका निपटारा करने में ही समाज और पक्षकारों की सबसे बड़ी भलाई है।”
यहां बता दें कि बिरौल पुलिस की यह कार्रवाई न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करने की उनकी तत्परता को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्थापित करती है कि उनका उद्देश्य लोगों को बेवजह परेशान करना नहीं, बल्कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करने और शांतिपूर्ण ढंग से विवादों को हल करने के लिए प्रेरित करना है। गिरफ्तारी में अव्वल आने वाली पुलिस ने 1अक्टुबर से लेकर 13 अक्टूबर तक कुल 38 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है।