ईमहू और राऊ तहसील में दीपावली के अवसर पर पटाखों का बड़ा कारोबार होता है। इस दौरान कई पटाखा गोदाम और फैक्ट्रियां सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रही हैं। इन स्थानों पर आगजनी से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे एक छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
किशनगंज थाना क्षेत्र में आगरा-मुंबई हाईवे से लगभग 500 मीटर अंदर एक नई कॉलोनी में नियमों के विरुद्ध एक पटाखा गोदाम संचालित हो रहा है। इसे आकर्षक बनाने के लिए चारों ओर कांच लगाकर शोरूम का रूप दिया गया है, जहां पटाखों का भंडारण और बिक्री की जा रही है।
हाईवे किनारे कॉलोनी में अवैध पटाखा गोदाम
इस गोदाम से सटकर ही बिजली की मुख्य लाइन गुजर रही है, जो कॉलोनी की बाउंड्रीवॉल और गोदाम के बीच से जाती है। गोदाम के आसपास खाली कार्टून बॉक्स बिखरे पड़े हैं, जो आग लगने की स्थिति में तेजी से फैल सकते हैं। गोदाम के पिछले हिस्से में टीनशेड लगाकर भी पटाखों का भंडारण किया गया है।
गोदाम के आसपास खाली कार्टून बॉक्स बिखरे पड़े दिखे।
गोदाम में फायर बिग्रेड यंत्र उपयोग नहीं
गोदाम के बाहर कई हाईटेक फायर बिग्रेड यंत्र रखे हुए देखे गए, जो एक अच्छी बात है। हालांकि, इन यंत्रों के उपयोग के तरीके कहीं भी प्रदर्शित नहीं किए गए हैं। साथ ही ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग की मनाही संबंधी कोई बोर्ड भी नजर नहीं आया।
चोरी से बचाव के लिए गोदाम को सीसीटीवी कैमरों से कवर किया गया है, लेकिन आग लगने की स्थिति में पानी या रेत की उपलब्धता को लेकर कोई जानकारी नहीं है। इसके अतिरिक्त, आपातकालीन स्थिति में पुलिस, एंबुलेंस या फायर फाइटर को सूचना देने के लिए भी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
व्यापारियों ने गोपनीय स्थानों पर रखा पटाखों का भंडारण
महू-राऊ तहसील में सिमरोल और राऊ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पटाखा गोदाम मौजूद है। इसमें बड़ी मात्रा में विस्फोटक का जखीरा रखा हुआ है। सूत्रों ने बताया कि कई व्यापारियों ने गोदामों के अलावा अन्य गोपनीय स्थानों पर भी पटाखों का भंडारण कर रखा है।
एसडीएम गोपाल वर्मा ने बताया कि राऊ तहसील क्षेत्र में 9 पटाखों के गोदाम है। सुरक्षा मानकों और भंडारण के संबंध में टीम जांच कर रही है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
महू एसडीएम राकेश परमार ने बताया कि क्षेत्र में स्थित पटाखा गोदामों की जानकारी जुटाई है। इनकी जांच कर सुरक्षा व्यवस्था और भंडारण की क्षमता की पड़ताल की जाएगी। खामियां मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पटाखा दुकानों का आवंटन अभी प्रक्रिया में है
