जगह-जगह गड्ढे, अधूरा निर्माण बना समस्या; महानंदा पुल पर हादसे की आशंका ।
जर्जर सड़क से लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
कटिहार जिले के बारसोई अनुमंडल क्षेत्र की सड़कें इन दिनों जर्जर हालत और अधूरे निर्माण कार्यों के कारण स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई हैं। बलरामपुर हाट-टुनी डिग्गी (पश्चिम बंगाल बॉर्डर) से बारसोई रासचौक होते हुए शहीद शुभम सिंह चौक तक जाने वाली मुख्य सड़क पर कई स्थानों पर पुलिया निर्माण के बाद समतलीकरण का काम एक महीने से रुका हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग पर कुल नौ पुलियों का निर्माण हुआ है, लेकिन किसी भी स्थान पर सड़क को समतल नहीं किया गया है। इसके कारण गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ हिस्सों से मोटरसाइकिल चालकों, टोटो और टेंपो संचालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं।
इसी मार्ग पर महानंदा नदी के लहड़िया पुल पर पिछले एक साल से एक बड़ा गड्ढा बना हुआ है, जिसमें अक्सर दोपहिया वाहन चालक गिर जाते हैं। रात के समय रोशनी न होने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ जाती है।
3 किमी तक सड़क जर्जर
स्थानीय लोगों ने बताया कि रघुनाथपुर चौक से लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह जर्जर है। वहीं, ब्लॉक थाना हॉस्पिटल रोड की स्थिति भी बदतर हो चुकी है। बरसात के दौरान मरम्मत के लिए डाला गया ग्रेवल पानी में बह गया, जिससे सड़क अब कच्ची और कीचड़युक्त हो गई है।
जलजमाव और कीचड़ से लोगों को परेशानी
बारसोई स्थित स्टेट बैंक शाखा और एचपी गैस एजेंसी कार्यालय के सामने भयंकर जलजमाव और कीचड़ से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। इसी तरह दहीचंद रेलगेट के पास, जहां फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है, वहां भी बड़े-बड़े गड्ढों और जलजमाव ने राहगीरों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
चौड़ीकरण कार्य से मरम्मत रुका
एसएच-98 (स्टेट हाईवे 98) पर सड़क चौड़ीकरण का काम चलने के कारण मरम्मत पूरी तरह ठप है। अधिकांश हिस्सों में पक्की सड़क का नामोनिशान तक नहीं है। ऊबड़-खाबड़ रास्तों के कारण वाहनों की गति धीमी हो गई है, और लंबे ट्रैफिक जाम की समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
