बिहार विधानसभा चुनाव: बिरौल पुलिस का ‘एरिया डोमिनेशन’ अभियान, अपराधियों, अभियुक्तों में खलबली
बिहार विधानसभा चुनाव: बिरौल पुलिस का ‘एरिया डोमिनेशन’ अभियान, अपराधियों, अभियुक्तों में खलबली
बिहार विधानसभा चुनाव: बिरौल पुलिस का ‘एरिया डोमिनेशन’ अभियान, अपराधियों, अभियुक्तों में खलबली
दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, बिरौल थाना क्षेत्र में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसना लगातार जारी है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने की दिशा में बिरौल पुलिस ने शनिवार को अर्धसैनिक बल (पैरा-मिलिट्री फोर्स) के साथ मिलकर व्यापक ‘एरिया डोमिनेशन’ अभियान चलाया।
यह विशेष अभियान थाना क्षेत्र के अति-संवेदनशील माने जाने वाले जगन्नाथपुर समेत कई अन्य ठिकानों पर केंद्रित रहा। संयुक्त टीम ने इस दौरान गहन तलाशी अभियान चलाकर अपराधियों, शराब तस्करों और लंबित वारंटों वाले अभियुक्तों की धर-पकड़ तेज कर दी है। स्थानीय जानकारों के अनुसार, बिरौल थानाध्यक्ष चन्द्र मणि की ओर से क्षेत्र में लगातार की जा रही सघन छापेमारी और दर्जनों वांछित अभियुक्तों की हालिया गिरफ्तारी से अपराधियों और वारंटियों में जबरदस्त खलबली मची हुई है। आलम यह है कि ये लोग पकड़े जाने के डर से आए दिन अपना ठिकाना बदलने को मजबूर हैं। गणमान्य लोगों का कहना है कि वर्षों बाद इस क्षेत्र में पुलिस की इतनी सक्रियता देखने को मिल रही है। विभिन्न मामलों में फरार चल रहे अभियुक्तों और पुलिस के बीच अब “लुका-छिपी” का खेल शुरू हो गया है। इधर कानून के जानकार नटवर मिश्र,राजकपूर पांडेय सहित कई विद्वान अधिवक्ता मानते हैं कि जिस तरह से पुलिस चुनाव से पहले एक्शन में है, ऐसे में विभिन्न मामलों में नामजद अभियुक्तों के लिए यही उचित समय है कि वे अपने अधिवक्ता के माध्यम से अविलंब न्यायालय से जमानत करवा लें। कहावत है कि “बीमारी और मुकदमा को हल्के में नहीं लेना चाहिए।” पुलिस की बढ़ती दबिश को देखते हुए फरार चल रहे लोगों को जल्द ही कानूनी प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए, अन्यथा चुनाव के दौरान उनकी मुश्किलें कई गुना बढ़ सकती हैं।
यह ‘एरिया डोमिनेशन’ अभियान चुनाव के माहौल को भयमुक्त बनाने और क्षेत्र में कानून का राज स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस का यह एक्शन चुनाव संपन्न होने तक लगातार जारी रहने की संभावना है।