माउंट समर कॉन्वेंट स्कूल में 10 वर्षीय कश्यप की रहस्यमयी मौत के मामले में कहाँ हें सीसीटीवी फुटेज ? परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /

बहादुरपुर थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड स्थित माउंट समर कॉन्वेंट स्कूल में गुरुवार को 10 वर्षीय छात्र कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सनसनी फैली हुई है। बताया जा रहा है कि बच्चे ने स्कूल परिसर में फांसी लगाकर आत्महत्या की, लेकिन परिजन और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला है।

परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लगाया हत्या का आरोप

मृतक कश्यप की मां और परिजनों ने सीधे तौर पर स्कूल प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों के बयान पर बहादुरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनका कहना है कि कश्यप पढ़ाई में अच्छा था और उसे किसी तरह का तनाव नहीं था। परिवार ने मांग की हें कि जिला स्तर के वरीय पुलिस अधीक्षक खुद स्कूल में जाकर इस मामले की तहकीकात करे ताकि इस मामले से पुरा पर्दा उठ सके।

कहाँ हें सीसीटीवी फुटेज

मामले को और रहस्यमयी बना रहा है स्कूल का रवैया। घटना के बाद से अब तक पुलिस को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराया गया है। सूत्रों के अनुसार, स्कूल प्रशासन यह कह सकता हें  कि “सीसीटीवी कैमरे खराब थे” , लेकिन इस दावे पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कैमरे चालू होते, तो यह साफ हो जाता कि कश्यप ने आत्महत्या की या उसे फांसी पर लटकाया गया।

पूर्व छात्रों ने खोली पोल – “स्कूल में होता है बच्चों पर अत्याचार”

माउंट समर कॉन्वेंट स्कूल के कई पूर्व छात्र सामने आए हैं जिन्होंने स्कूल प्रशासन पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल में बच्चों को मामूली गलती पर बुरी तरह पीटा जाता है, जिससे कई बच्चे टूट जाते हैं।

मानकों के विपरीत स्कूल संचालन पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल शैक्षणिक मानकों के अनुरूप नहीं चल रहा, फिर भी संचालन जारी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि स्कूल में निगरानी की उचित व्यवस्था होती, तो शायद यह दर्दनाक घटना टल सकती थी।

 पुलिस जांच जारी

बहादुरपुर थाना प्रभारी ने बताया कि एफआईआर दर्ज करने के बाद जांच जारी है।

10 वर्षीय मासूम कश्यप की मौत ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि शिक्षा संस्थानों की जवाबदेही और पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि जांच किस दिशा में जाती है और क्या कश्यप को न्याय मिल पाता है या नहीं।