दो मासूम बच्चों की हत्या के मामले में पिता दोषी, सजा 15 अक्टूबर को तय होगी
दो मासूम बच्चों की हत्या के मामले में पिता दोषी, सजा 15 अक्टूबर को तय होगी
दो मासूम बच्चों की हत्या के मामले में पिता दोषी, सजा 15 अक्टूबर को तय होगी
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा/विधि संवाददाता,
सिविल कोर्ट दरभंगा के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश दशम् आदिदेव की अदालत ने पांच वर्षीय काजल और दो वर्षीय शिवम की निर्मम हत्या के आरोपी पिता दीपनारायण यादव को भादवि की धारा 302 और 498(ए) में दोषी करार दिया है।हत्यारे पिता का सजा अवधि निर्धारण के बिन्दु पर सुनवाई और निर्णय के लिए 15 अक्टूबर की तिथि निर्धारित किया है।सोनकी थाना के बासुदेव पुर निवासी कंचन कुमारी ने अपने पति दीपनारायण यादव और ससूर उपेंद्र यादव के बिरुद्ध बदसुरत कहकर प्रताड़ित करने और पांच वर्षीय पुत्री काजल कुमारी तथा 2 वर्षीय पुत्र शिवम की हत्या बिजली के तार से करंट लगाकर कर देने,और बचाने गई कंचन को भी करंट लगाकर हत्या का प्रयास करने के बिरुद्ध तत्कालीन सोनकी ओपी व बहादुरपुर थाना में कांड सं. 199/20 दर्ज कराई थी।अनुसंधान पश्चात आईओ ने सूचिका के पति के विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित किया।लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि 4 मई 20 की सुबह में हत्यारे पिता ने घर में रखे टूटे हुए बिजली का तार जोड़कर पहले दोनों अवोध बच्चों की हत्या करंट लगाकर कर दिया।वहीं बचाने गई सूचिका को भी करंट लगाकर मारना चाहा।पीपी श्री झा ने बताया कि इस मामले के सत्रवाद सं. 105/20 के बिचारण में अभियोजन पक्ष से एपीपी अशोक भगत और बबीता कुमारी ने आठ गवाहों की गवाही कराई।गुरुवार को अदालत ने इस सत्रवाद की सुनवाई पुरी कर दोनो बच्चों की हत्या के लिए अलग-अलग 302 भादवि तथा 498(A) में हत्यारे पिता को जूर्मी घोषित किया है।वहीं अब लोगों की निगाहें 15 अक्टूबर को अदालत से हत्यारे को मिलने वाली सजा पर टिक गई है।पीपी श्री झा ने कहा कि अब कोई भी अपराधी बच नहीं सकेगा।