पटना /निज संवाददाता
प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों का बॉस बीडीओ को बनाए जानें से सरकारी आदेश का विरोध शुरू हो गया हैं। मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव के इस तरह की फरमान के बाद यह विरोध शुरू हुआ है ।स्वास्थ्य सेवा संघ, प्रशासनिक सेवा संघ, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी संघ ने अपने अपने तरीके से मंत्रिमंडल सचिवालय के समक्ष आपत्ति दर्ज करा दिया है कि ये सभी बीडीओ से वरीय पदाधिकारी है, किसी भी हाल में बीडीओ को ये अपना बॉस नहीं मानेगे ।
विगत 25 अगस्त को मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से जारी फरमान में प्रखंड में समन्वय समिति बनाकर बीडीओ को उसका सचिव बना दिया गया. इस समिति में वरीय प्रभारी (वरीय उपसमाहर्ता ), प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को सदस्य बना दिया गया. जबकि ये तीनो संवर्ग के पदाधिकारी लेवल 9 के पदाधिकारी है. जबकि बी डीओ लेवल 7 के पदाधिकारी है. कार्यपालिका की सामान्य कार्य संस्कृति, बिहार सरकार के प्रोटोकॉल और पद सोपान का हवाला देते हुए इन पदाधिकारियों का साफ कहना है कि मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से जारी पत्र लेवल 9 के पदाधिकारियों को अपमानित करने वाला है. सरकार की ऐसी कौन सि व्यवस्था हैं जिसमें वरीय पदाधिकारी को कनीय के मातहत काम करने पड़ते है? मंत्रिमंडल सचिवालय का यह पत्र जानकारी के अभाव में जारी किया गया है. ज्ञात हो कि इस बाबत कई जिला के जिला पदाधिकारी ने मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव को पत्र भी लिखा है. जिसमे सुझाव भी डीएम ने दिया है, इस प्रखंड स्तरीय समन्वय समिति का सदस्य वरीय उप समाहर्ता को बनाया जाना श्रेस्यकर होगा. अब देखना है की सरकार अपने इस फैसले को बदलती है या फिर कायम रखती है. संशोधन नहीं होने की हालत में लेवल 9 के पदाधिकारी के कई संघ माननीय पटना उच्च न्यायालय में इस फरमान को चुनौती देने का भी मन बना रहे है ।अगर सरकार के वरीय अधिकारी सही मापदंड पर निर्णय नहीं लेते हैं तो इस मामले में सरकार की किरकिरी हो सकती हैं।
इस बाबत राज्य के ज्यादातर जिलों में इस निर्देश /आदेश का विरोध शुरू हो गया हैं। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी ,चिकित्सा प्रभारी ,एवं बासा संघ के सभी पदाधिकारी अपने अपने जिले के डीएम को पत्र देकर अनुरोध कर रहें हैं कि यह निर्णय न्यायपूर्ण नहीं हैं।
वहीं इस आवेदन के आलोक में जिले के डीएम ने मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस विरोध से अवगत कराते हुये अनुरोध किया हैं। इस मामले में नवादा ,गोपालगंज मधुबनी समेत अन्य जिलों के डीएम ने अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजा हैं।
