प्रखंड कार्यान्वयन समिति बिरौल की दूसरी बैठक में हंगामेदार फैसले,बिजली विभाग की सराहना, पीएचईडी,मनरेगा, राजस्व विभाग के कार्यशैली पर सवाल
प्रखंड कार्यान्वयन समिति बिरौल की दूसरी बैठक में हंगामेदार फैसले,बिजली विभाग की सराहना, पीएचईडी,मनरेगा, राजस्व विभाग के कार्यशैली पर सवाल
प्रखंड कार्यान्वयन समिति बिरौल की दूसरी बैठक में हंगामेदार फैसले,बिजली विभाग की सराहना, पीएचईडी,मनरेगा, राजस्व विभाग के कार्यशैली पर सवाल
दस्तक7मिडिया, बिरौल दरभंगा।
प्रखंड कार्यान्वयन समिति बिरौल की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को प्रखंड सभागार में अध्यक्ष मो. कामरान खान की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में पूर्व के प्रस्ताव पर संबंधित अधिकारियों द्वारा दिए गए जबाव से सदस्यों ने संतुष्ट हुए। उसके बाद कई ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई और निर्णयों को मंजूरी दी गई, जिसमें पीएचईडी विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए, जबकि बिजली विभाग की सराहना की गई।
बैठक में भाजपा मंडल अध्यक्ष सह समिति के उपाध्यक्ष पंकज झा, सांसद प्रतिनिधि राजीव चौधरी, विधायक प्रतिनिधि शिवु झा के अलावा समिति के सदस्य वकीला खातुन, महावीर मुखिया, रामसागर राम, राधेश्याम मंडल,राज नारायण मंडल सहित कई सदस्य उपस्थित थे।
प्रशासनिक अधिकारियों में बीडीओ सह समिति के सचिव प्रदीप कुमार झा,बीपीआरओ रमेश कुमार, थानाध्यक्ष चन्द्रमणि, राजस्व पदाधिकारी संतोष कुमार, मनरेगा पदाधिकारी उमेश कुमार,प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,समेत अन्य विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत सदस्यों और अधिकारियों के औपचारिक परिचय के साथ हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष मो.कामरान खान, उपाध्यक्ष पंकज झा और सांसद प्रतिनिधि राजीव चौधरी ने एक स्वर में बिजली विभाग ग्रामीण के जेई के उत्कृष्ट कार्य और बेहतर व्यवस्था के लिए उनकी जमकर प्रशंसा की।
वहीं,लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के जेई अमरेन्द्र कुमार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए, जो विभागीय कार्य में लापरवाही और गतिरोध का संकेत देते हैं। सदस्यों ने जेई पर सरकार के दिशा निर्देश को फॉलो नहीं करने और सरकारी व्यवस्था को बदनाम करने का आरोप लगाया। सदस्य राजीव चौधरी ने प्रखंड के पंचायतों में स्वच्छता अभियान और प्रकाश व्यवस्था पर तीखे प्रश्न उठाया और समिति ने स्वच्छता अभियान के तहत पंचायतों में बांटे गए बाल्टियों की खरीददारी की कीमत का विस्तृत ब्यौरा सदन के सामने रखने की मांग की। यह मांग पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। इसके अतिरिक्त, पोखराम उत्तरी पंचायत में स्ट्रीट लाइटें बंद रहने और कई वार्डों में लाइट नहीं लगाए जाने के कारण व्याप्त अंधेरे पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई। डुमरी पंचायत में बनने वाले पंचायत सरकार भवन के स्थल चयन को गलत तरीके से किए जाने का मामला भी उठा, जिस पर आपत्ति जताते हुए सही स्थल चयन सुनिश्चित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में सदस्य राज नारायण मंडल, रामसागर राम ने अंचलाधिकारी कार्यालय में कार्यरत हल्का कर्मचारी दाखिल खारिज करने सहित अन्य कार्य करने में जमीन मालिक से आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया। इसके अलावा मनरेगा योजना के तहत पंचायतों में निर्माण किया गया पशु शेड, वृक्षारोपण, निजी तलाब तथा पोखराम उतरी पंचायत अंतर्गत कमला नदी में सिढ़ी का निर्माण में जम कर सरकारी राशि का हुए लूट की सूची तैयार कर उसकी जांच बीस सूत्री के गठित टीम से कराने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक संपन्न होने के बाद प्रखंड कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष मो.कमरान खान ने कहा कि प्रखंड में कुछ विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सरकार को बदनाम करने पर तुले हुए हैं। जिसका समिति के सदस्यों ने निंदा करते हुए उन्हें अपने कार्य शैली में सुधर लाने को कहा गया अन्यथा इसकी शिकायत सरकार में की जाएगी।
समिति की इस बैठक में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिसके सफल कार्यान्वयन पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं।