सीवान शहर में शुक्रवार को एकादशी के दिन दशहरा मेला अपने अंतिम चरण में था। मेला और दुर्गा प्रतिमाओं के दर्शन के लिए शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

 

 

शहर में उमड़ी इस अपार भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा खुद सिवान पुलिस कप्तान (एसपी) मनोज कुमार तिवारी ने अपने हाथों में लिया। वे देर शाम विभिन्न चौक-चौराहों पर डटे रहे और भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश देते नजर आए। आपको बता दें कि सिवान में प्रतिवर्ष परंपरा के अनुसार हिंदी तिथि द्वादशी को माँ दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन होता है। इस बार विसर्जन शनिवार को होना तय है। भीड़ को नियंत्रित करने पहुंचे एसपी विसर्जन से ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार को श्रद्धालुओं की भीड़ हर पूजा पंडाल में उमड़ पड़ी।

 

 

पूजा पंडालों में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाओं और आकर्षक सजावट को देखने के लिए लोगों का रेला शहर की सड़कों पर देर रात तक बना रहा। ऐसे हालात में भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज कुमार तिवारी ने खुद मोर्चा संभाला। वे शहर के सबसे व्यस्त तीनमुहानी बबुनिया मोड़ पर खुद खड़े होकर यातायात और भीड़ को नियंत्रित करते दिखे। वहीं, उन्होंने पुलिस अधिकारियों और बल को निर्देश दिया कि किसी भी तरह की अव्यवस्था या अप्रिय घटना की गुंजाइश न रहे।

 

दंडाधिकारी भी लगातार कर रहे निगरानी एसपी ने बताया कि मेला क्षेत्र के साथ-साथ हर पूजा पंडाल में सुरक्षा बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस पदाधिकारी और जवान मुस्तैदी से तैनात हैं। इसके अलावा गश्ती दल और दंडाधिकारी भी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

 

उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह से पूरे दस दिनों तक दशहरा शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ है, उसी प्रकार विसर्जन भी सकुशल सम्पन्न होगा। भीड़ और सुरक्षा को लेकर लोगों में भी संतोष देखने को मिला। श्रद्धालुओं का कहना था कि पुलिस की सक्रियता और व्यवस्था से वे सुरक्षित माहौल में माता के दर्शन कर पाए। प्रशासन की ओर से बार-बार ध्वनि विस्तारक यंत्र से लोगों को सावधानी बरतने और भीड़ में संयम रखने की अपील की जाती रही।