कैमूर में मोहनिया थाना क्षेत्र के बरेज गांव से सोमवार की सुबह दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। तीन दिन से लापता महिला चांदनी देवी का शव उनके ही घर की छत पर बने एक कमरे से बरामद हुआ। शव को प्लास्टिक के बोरे में ठूंस कर रखा गया था। घर की सफाई के दौरान उठ रही तेज दुर्गंध ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
लापता होने के बाद हुआ भयानक खुलासा
जानकारी के अनुसार, शनिवार की शाम अचानक लापता हुई चांदनी देवी सोमवार सुबह घर की छत पर बने छोटे कमरे से मिली। परिजनों ने बताया कि सफाई करते समय कमरे से तेज दुर्गंध आई और जब कमरे में जाकर देखा गया तो प्लास्टिक के बोरे में महिला का शव रखा मिला। शव के पास खून के धब्बे भी थे। तुरंत इसकी सूचना मोहनिया पुलिस को दी गई।
मृतका की पहचान कुदरा थाना अंतर्गत जरुहा गांव निवासी प्रजापति मिश्रा की पत्नी चांदनी देवी के रूप में हुई। मृतका का परिवार इस हादसे से सदमे में है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
चांदनी देवी के पति प्रजापति मिश्रा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब वे थाने शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। इतना ही नहीं, उनके परिवार के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी भी की गई। प्रजापति का आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी का मोबाइल नंबर और अन्य सुराग पुलिस को दिए थे, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होने के कारण उनकी पत्नी की जान जा चुकी।
मृतका के भाई जयप्रकाश ने कहा कि यदि पुलिस ने लापता होने की शिकायत पर त्वरित और गंभीर जांच की होती, तो उनकी बहन बच सकती थी। उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही ने इस हत्या को गंभीर मोड़ दे दिया।
डीएसपी ने कहा – शुरुआती जांच में हत्या की पुष्टि
मामले की जानकारी मिलते ही मोहनिया डीएसपी प्रदीप कुमार और थाना अध्यक्ष आलोक कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। डीएसपी ने बताया कि शुरुआती जांच में स्पष्ट है कि महिला की हत्या की गई है। शव को बोरे में छुपाकर रखने का उद्देश्य सबूत मिटाना था।
डीएसपी ने कहा कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। साथ ही, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए FSL टीम को बुलाया गया है। डीएसपी ने यह भी कहा कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा किया जाएगा।
गांव में फैला भय और गुस्सा
इस घटना ने मोहनिया, जरुहा और आसपास के गांवों में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोग और परिजन भारी आक्रोश में हैं। उनका कहना है कि पुलिस की लापरवाही ने इस वारदात को संभव बनाया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते गंभीर जांच होती, तो हत्या टाली जा सकती थी।
गांववासियों का कहना है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए ताकि ऐसे जघन्य अपराधों पर रोक लग सके। पूरे गांव में मातम का माहौल है और लोग मृतका के परिवार के साथ खड़े होकर न्याय की मांग कर रहे हैं।
घटना ने कानून-व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
चांदनी देवी की हत्या और शव बरामदगी ने न केवल एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि जिले भर में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कब आरोपियों को पकड़ कर सख्त सजा दी जाएगी।
स्थानीय निवासी राधा देवी ने कहा, “हमारे गांव में लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। तीन दिन से लापता महिला की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई और आज यह घटना सामने आई। पुलिस को अब कार्रवाई तेज करनी चाहिए।”
पुलिस का दावा – जांच तेजी से जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की हर कड़ी की जांच की जा रही है। डीएसपी प्रदीप कुमार ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और संदिग्ध नंबर की पड़ताल के बाद जल्द ही हत्या के पीछे के तथ्य सामने आएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को कानून के कठोर प्रावधानों के तहत सजा दिलाई जाएगी।
थाना अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी कहा कि एफएसएल टीम घटनास्थल का अध्ययन कर चुकी है और पूरे मामले की गहराई तक जाने के लिए पुलिस पूरी तरह जुटी हुई है।
परिजन और ग्रामीण न्याय की मांग में
परिजन और ग्रामीण अब मामले पर पूरी नजर रखे हुए हैं। उनका कहना है कि केवल जांच ही नहीं, दोषियों को सख्त सजा भी सुनिश्चित हो। मृतका के परिवार का कहना है कि पुलिस की लापरवाही ने उन्हें अपूरणीय नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों का मानना है कि अगर शुरुआती शिकायत पर कार्रवाई होती तो यह दर्दनाक घटना टल सकती थी।
यह घटना कैमूर जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। जिले की पुलिस का दावा है कि जांच तेजी से चल रही है, लेकिन लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि कब अपराधियों को पकड़ कर कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
