दस्तक 7मीडिया के खबर का असर :मुख्यालय के आदेश के बावजूद जिले में कब्जा बनाए रखे दों सिपाही अंततः स्थानांतरित ,12साल से जमे सिपाही अब पटना में योगदान।

दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय

एक अरसे के बाद आखिरकार मधुबनी जिला पुलिस बल से दों मास्टरमाइंड सिपाही का तबादला हो गया ।यें दोनों सिपाही ऐसे थे जिनका मुख्यालय के आदेश के बावजूद मधुबनी जिला बल से तबादला नहीं हो रहा था।बताया जा रहा हे कि इस जिला में 12-13वर्षों से यह जमे थे ओर तात्कालीन कई एसपी के चेह्ते बन गये थे।वजह आप समझ सकते हे।हालांकि दोनों सिपाही के विरमित् को लेकर आधिकारिक पत्र सार्वजनिक अब तक नहीं किया गया हे लेकिन सूत्र बताते हे कि दोनों को विरमित् कर दिया गया हे ॥

इसे लेकर दस्तक 7मीडिया ने जब खबर छापी तों पुलिस मुख्यालय के आलाधिकारी शख्त हुये ,और इनका तबादला मधुबनी जिला बल से हो गया।

12सितंबर को जब दस्तक 7मीडिया ने खबर छापी तों खबर छपते ही 14सितंबर को सूत्रों ने बताया कि दोनों सिपाहियों को पटना जिला बल में एक सितंबर 25से ही  विरमित् कर दिया गया हे।वहीं एक सिपाही के बारे में सूत्र बता रहें हे कि कमान लेकर शनिवार को यानि 27सितंबर 25को पटना जिला बल में योगदान भी दे दिया ,वहीं एक सिपाही के बारे में  कहा जा रहा हे कि वह भी एक- दों दिन में पटना योगदान दे देगा।

मधुबनी जिला के कई  सिपाही /पदाधिकारियों में खुशी की लहर,लेकिन कई पुलिस पदाधिकारी अभी भी सवालों के घेरे में?

जिले के पुलिसकर्मियों के बीच चर्चा का सबसे बड़ा विषय था  हरि ॐ और उसका सहयोगी विकास।बताया जाता था कि इन दोनों का इतना दबदबा मधुबनी जिला बल में  था  कि मुख्यालय के आदेश का भी असर नहीं होता था, 12–13 साल से ये दोनों जिले में जमे थे।

सूत्र बताते है कि यें लोग मधुबनी जिला बल में  सिपाही रहते हुये अकूत सम्पति अर्जित कियें हे ,आय से कई गुना ज्यादा सम्पति के मालिक हे।अगर आर्थिक अपराध इकाई  या मुख्यालय स्तर से यदि निष्पक्ष जांच हो, तो कई परतें खुलेंगी और जिला पुलिस की कार्यशैली की असलियत सामने आएगी।असलियत यही कि कई तत्कालीन एसपी के समय से लेकर अब तक क्या क्या गुल मधुबनी जिला में खिला हे।