किशनगंज का बड़ी कोठी दुर्गा मंदिर शहर का सबसे प्राचीन दुर्गा मंदिर है। इस मंदिर में 1888 से थिरानी परिवार द्वारा मां दुर्गा की पूजा की परंपरा चली आ रही है। मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल सोमानी के अनुसार, शुरुआत में मंदिर का आकार छोटा था। समय के साथ इसका जीर्णोद्धार किया गया और अब यह विशाल रूप में भक्तों के दर्शन के लिए तैयार है।
यहां शारदीय और चैत्र नवरात्र में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है। पहले दिन से ही मां की प्रतिमा स्थापित कर पूजा का आयोजन होता है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए एकत्रित
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सादगी है। यहां न कोई दिखावा है, न ही अनावश्यक आडंबर। शहर के विभिन्न मोहल्लों के साथ-साथ दूर-दराज के इलाकों से भक्त मां के दर्शन के लिए आते हैं। स्थानीय निवासी श्याम सुखा के अनुसार, यह मंदिर किशनगंज की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नवरात्र के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं।
मंदिर प्रबंधन भक्तों की सुविधा का विशेष ध्यान रखता है। यह मंदिर न केवल किशनगंज बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। भक्तों का मानना है कि मां दुर्गा की कृपा से उनकी हर मनोकामना पूरी होती है।
