दरभंगा मेडिकल कॉलेज में छात्राओं का उत्पात अब उन्हें पड़ेगा महंगा ,प्राचार्या को बंधक बनाने समेत कई आरोपों में 56 छात्रों समेत कई अज्ञात पर हुई बेता थाना में प्राथमिकी।
दरभंगा मेडिकल कॉलेज में छात्राओं का उत्पात अब उन्हें पड़ेगा महंगा ,प्राचार्या को बंधक बनाने समेत कई आरोपों में 56 छात्रों समेत कई अज्ञात पर हुई बेता थाना में प्राथमिकी।
दरभंगा मेडिकल कॉलेज में छात्राओं का उत्पात अब उन्हें पड़ेगा महंगा ,प्राचार्या को बंधक बनाने समेत कई आरोपों में 56 छात्रों समेत कई अज्ञात पर हुई बेता थाना में प्राथमिकी।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /गुंजन कुमार
दरभंगा मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को प्राचार्या डॉ. अलका झा को उनके कार्यालय कक्ष में 5घंटे तक बंधक बनाना छात्रों को महंगा पड़ गया हे।इस मामले में 56नामजद एवं कई अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की गई हे।
यही नहीं छात्रों ने अमर्यादित व्यवहार किया और कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ की।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कैमरा, मॉनिटर और अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।पुलिस ने प्राचार्या को सुरक्षित बाहर निकालने में मुश्किलें झेली।देखते ही देखते पुरा परिसर छावनी में तब्दील हो गया था।
FIR और पुलिस कार्रवाई
कॉलेज प्रशासन की ओर से बेंता थाना में 56 नामजद छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई हे इसमें कई अज्ञात छात्र भी हे।डीएमसीएच प्रशासन ने घटना के ठोस साक्ष्य के रूप में पुलिस को वीडियो फुटेज और पेन ड्राइव भी सौंपा हे ताकि साक्ष्य रहने पर पुलिस ठोस कारवाई कर सके।
शैक्षणिक और प्रशासनिक निर्णय
सभी यूजी कक्षाओं को 2 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया हे ,सभी यूजी छात्रावास खाली कराए गए हे।कॉलेज अकादमिक काउंसिल की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया।
प्राचार्या की शिकायत
प्राचार्या ने काउंसिल को बताया कि छात्रों ने पांच सूत्री मांगों पर जबरन हस्ताक्षर कराए। स्टूडेंट सेक्शन के प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. हरि दामोदर सिंह ने अतिरिक्त प्रभावों से इस्तीफा देने की पेशकश की, जिसे स्वीकार नहीं किया गया।
पृष्ठभूमि क्या थी ?
छात्रों पर कार्रवाई अटेंडेंस कम और इंटरनल परीक्षा में असफलता के कारण हुई थी।एनएमसी के मानकों के अनुसार, छात्रों का कक्षाओं में अटेंडेंस कम से कम 75% होना अनिवार्य है।यहां बता दे कि विभागाध्यक्ष की ओर से भेजे गये अटेंडेंस और असेसमेंट परीक्षा के अंक के आधार पर प्राचार्य की ओर से छात्रों के खिलाफ कारवाई की जाती हे।
साक्ष्य और आगे की कार्रवाई
कॉलेज प्रशासन ने FIR के साथ-साथ पुलिस को संपत्ति नुकसान और बंधक बनाने की घटना के साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं।आगे की जांच और कार्रवाई पुलिस एवं कॉलेज प्रशासन की संयुक्त निगरानी में होगी।