बिरौल।
अनुमंडल व्यवहार न्यायालय का अपना भवन हो इसका सपना 25 वर्षों बाद रविवार को पटना हाईकोर्ट के न्याय मूर्ति व दरभंगा न्याय मंडल के निरीक्षी न्यायाधीश संदीप कुमार के उदघाटन से साकार हो गया। इस शुभ अवसर पर पटना उच्च न्यायालय के ही जज क्रमशः अरुण कुमार झा एवं चन्द्र शेखर झा बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

जिला जज विनोद कुमार तिवारी की अगुवाई और अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह प्रभारी न्यायाधीश पंकज चन्द्र वर्मा के देखरेख समारोह का आयोजन किया गया। जिसका संचालन  न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम सह मुंशीफ कुमारी मोहिनी कर रही थी। इस दौरान व्यवहार न्यायालय एवं बार ऐसोसिएशन की ओर से पटना, मधुबनी तथा दरभंगा से आये न्यायाधिशों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि तथा  जिला जज के द्वारा वकालत खाना के भूमि पूजन से हुआ। उसके बाद व्यवहार न्यायालय के नव भवन का उदघाटन पटना हाईकोर्ट के न्याय मूर्ति संदीप कुमार, न्याय मूर्ति अरुण कुमार झा,चन्द्र शेखर झा,जिला जज विनोद कुमार तिवारी तथा अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी  सह प्रभारी न्यायाधीश पंकज चन्द्र वर्मा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर व दीप प्रज्वलित कर किये।

इस दौरान श्रीकृष्णा आईडीएल पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं के द्वारा स्वागत गान एवं अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। न्याय मूर्ति संदीप कुमार ने अपने संबोधन में बिरौल व्यवहार न्यायालय के नव भवन में संचालन होने वाले विभिन्न न्यायालय से क्षेत्रवासियों को मिलने वाली लाभ आदि पर विस्तार से चर्चा की। इससे पूर्व न्याय मूर्ति अरुण कुमार झा व चन्द्र शेखर झा,जिला जज दरभंगा ने अपनी बातों को रखा। उदघाटन समारोह में डीएम राजीव रौशन, एस एस पी अवकाश कुमार,एसडीओ संजीव कुमार कापर,एसडीपीओ मनीष चन्द्र चौधरी सहित जिला से आये न्यायिक पदाधिकार,अधिवक्तागण उपस्थित थे।