भदोही जनपद के नारेपार सीतामढ़ी में हुई मूसलाधार बारिश से किसानों को लाभ हुआ है। इस बारिश ने उन खरीफ फसलों को राहत दी है जो पानी की कमी का सामना कर रही थीं।
किसान शशांक सिंह ने बताया कि धान, गन्ना और अरहर जैसी खरीफ फसलों को इस बारिश से काफी फायदा हुआ है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, वहाँ भी यह बारिश फसलों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है। लगातार बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी है।
जिससे फसलों की वृद्धि अच्छी होने और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। सब्जियों की पैदावार के लिए भी यह बारिश फायदेमंद बताई जा रही है।हालांकि, मूसलाधार बारिश के कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं। तेज बारिश से खेत की ऊपरी उपजाऊ मिट्टी बह जाती है, जिससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता कम हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश से मक्का और गन्ना जैसी लंबी फसलें गिर सकती हैं, जिससे उनकी पैदावार प्रभावित होती है और कटाई में भी कठिनाई आती है।इस प्रकार, मूसलाधार बारिश का प्रभाव फसल और उसकी वर्तमान स्थिति पर निर्भर करता है।
एक ओर यह धान की फसल के लिए लाभकारी हो सकती है, वहीं दूसरी ओर तेज हवा के कारण यह नुकसान का कारण भी बन सकती है। इस बारिश से किशोरी माझी, हरी निषाद, संतलाल, सुरेश और सुनील जैसे कई किसानों को विशेष रूप से लाभ हुआ है।
