विधानसभा चुनाव की तैयारी हुई तेज सीतामढ़ी जिला 275 सेक्टरों में बंटा।

तैयारी . सीतामढ़ी के सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन हुआ शुरू
सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं पर दिया जा रहा है विशेष जोर

 

आगामी विस चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी माहौल में संपन्न कराने के लिए सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने तैयारियों की रफ्तार तेज कर दी है। चुनाव आयोग के निर्देश पर जिले के आठों विधानसभा क्षेत्रों को 275 सेक्टरों में बांट दिया गया है।

प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी के लिए सेक्टर पदाधिकारी और सेक्टर पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। साथ ही उन्हें चुनावी दायित्वों के निर्वहन के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। जिला प्रशासन मतदाताओं को मतदान की प्रक्रिया से अवगत कराने के लिए विशेष पहल कर रहा है। इसके तहत प्रखंड स्तर पर मोबाइल डेमोस्ट्रेशन वैन भेजी जा रही हैं।

 

इन वैनों की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों और दूर-दराज के इलाकों में जाकर मतदाताओं को ईवीएम और वीवीपैट का उपयोग समझाया जा रहा है। मॉकड्रिल की इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया के प्रति सहज और आत्मविश्वासी बनाना है। विशेषकर पहली बार वोट डालने वाले युवा मतदाताओं के लिए यह कदम काफी उपयोगी साबित हो रहा है। चुनाव के दौरान सुरक्षा चाक-चौबंद रहे, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही अपनी योजना तैयार कर ली है। जिला पुलिस बल के अलावा बिहार सैन्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बल की कंपनियां भी तैनात की जाएंगी।

 

प्रत्येक सेक्टर पुलिस पदाधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे मतदान केंद्रों पर गश्ती करें और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखें। ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही, सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी बाहरी तत्व की गतिविधि से चुनाव प्रभावित न हो।

मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य डीएम ने निर्देश दिया है कि सभी सेक्टर अधिकारी एक सप्ताह के भीतर मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस जांच में बूथों पर पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर, रैंप, साइनेज और शेड की सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। यह व्यवस्था दिव्यांग, महिला एवं बुजुर्ग मतदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि यदि मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी तो मतदाताओं का मतदान प्रतिशत भी बढ़ेगा।

प्रशासन ने व्यापक चुनावी खाका तैयार किया है, ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। इसके लिए 24 अलग-अलग कोषांगों का गठन किया गया है। प्रत्येक कोषांग के लिए वरीय प्रभारी पदाधिकारी, नोडल पदाधिकारी और दो से तीन सुरक्षित पदाधिकारी तैनात किए गए हैं। इन सभी को अपने-अपने कार्यों के प्रति स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। – डॉ. विपिन कुमार, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी, सीतामढ़ी