दरभंगा

सादा कागज पर हस्ताक्षर नहीं करोगे तो तुम्हे डिसमिस करवा देंगे ,इन दिनों यह बात विभाग में चर्चा बना हुंआ हें ।यह बात किसी और ने नहीं एक होमगार्ड के जवान को धमकी देते हुये विभाग में बैठे एक द्लाल ने कहा हें। होमगार्ड का यह जवान न्याय की गुहार लिये महीनों से दर बदर का ठोकर खा रहा हें। होमगार्ड का यह जवान छोटे यादव ने इसकी शिकायत दरभंगा के एसएसपी समेत विभाग के डीजी से भी किया हें। छोटे का कहना हें कि जिला होमगार्ड कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर हें और जवानों के साथ हमेशा दुर्व्यवहार किया जाता हें यही नहीं जवानों का शोषण किया किया जाता हें।छोटे का आरोप हें कि इस विभाग का दलाल रामबिलास यादव हें और समादेष्टा का आशीर्वाद प्राप्त हें। समादेष्टा कार्यालय में कोई जवान अपना पक्ष रखने पहुंचता हें तो पीड़ित जवान के साथ दुर्व्यवहार व धमकी दिये जाने का मामला अक्सर सामने आ जाता है। इस मामले की शिकायत दरभंगा एसएसपी सहित डीजी होमगार्ड से छोटे ने की है।
बता दें कि होमगार्ड के जवान छोटे यादव ने दर्जनों जवानों के संयुक्त शिष्टमंडल के साथ होमगार्ड के डीजी शोभा आहोतकर से मुलाकात कर जिला समादेष्टा कार्यालय में बिचौलियों सह सेवानिवृत जवान रामबिलास यादव के मिलीभगत से व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत की साथ ही न्याय की गुहार लगायी । इसके बाद बिचौलियों के विरुद्ध जाँच व कारवाई के बदले उल्टे पीड़ित जवान छोटे यादव को निलंबित कर दिया गया। यह बातें पीड़ित जवान ने एसएसपी से लिखित शिकायत में कही है। पीड़ित जवान ने कहा है कि डीजीपी व डीएम से किये गए शिकायत के बाद जिला समादेष्टा कार्यालय दरभंगा ने अपना पक्ष रखने हेतु 22 अगस्त 2023 को कार्यालय प्रकोष्ठ में बुलाया गया परंतु कार्यालय में बिचौलिया रामबिलास पहले से ही कुर्सी पर बैठा था। इस दौरान जिला समादेष्टा ने पीड़ित जवान से कहा कि सादा कागज पर हस्ताक्षर कर के चले जाओ। हस्ताक्षर नहीं करोगे तो तुम्हे डिसमिस करने के लिए डीएम को लिखेंगे। इसी क्रम में मौजूद आरोपी रामबिलास यादव ने भी धमकी देते हुए कहा कि सरकारी कागज फाड़कर इसपर मुकदमा करना पड़ेगा। पीड़ित जवान ने कहा कि अप्रिय घटना की आशंका होते ही जब वे वहाँ से निकलने लगें तो समादेष्टा कार्यालय के इर्द गिर्द दर्जनों अपराधी प्रवृत्ति के उच्चकों को देख वे सहम गयें जो कि रामबिलास यादव उक्त उच्चकों को पूर्व से ही खड़े कर अप्रिय घटना को अंजाम देने की कोशिष में थे। किसी तरह वहाँ से अपनी जान बचाकर भागें। पीड़ित जवान ने अपने लिखित शिकायत की जाँच किन्ही निष्पक्ष पदाधिकारी से कराकर न्याय की गुहार एसएसपी से लगाया है।इधर राम विलास का कहना हें कि उसे कुछ भी पता नहीं हें।