राष्ट्रीय लोक अदालत : सामाजिक समरसता और विवाद निपटान का सशक्त मंच,करीब पांच करोड़ का सेटलमेंट 

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा/विधि संवाददाता

जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन शनिवार को दरभंगा में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार अध्यक्ष शिवगोपाल मिश्रा, जिलाधिकारी कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी, एडीजे संतोष कुमार पाण्डेय, बार एसोसिएशन अध्यक्ष चन्द्रधर मल्लिक समेत कई गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

लोक अदालत का महत्व : न्याय और समझौते का संगम

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि “सामाजिक समरसता का दूसरा नाम लोक अदालत है। यह वह मंच है जहां पक्षकार स्वयं अपने विवादों का समाधान आपसी समझौते से निकालते हैं। छोटे-छोटे विवादों के स्थाई निपटारे के लिए यह एक वरदान है।”
उन्होंने कहा कि लोक अदालत में किसी की हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों को न्याय और राहत मिलती है। समय और धन की बचत के साथ यह समाज और राष्ट्र के विकास की राह प्रशस्त करता है।

डीएम का संदेश : अपीलरहित अदालत

जिलाधिकारी सह उपाध्यक्ष कौशल कुमार ने कहा कि लोक अदालत से निष्पादित मामलों की कहीं अपील नहीं होती। यह पूरी तरह से पक्षकारों की अदालत है, जिसमें लोग अपने विवादों का स्थाई निपटारा खुद करते हैं।

एसएसपी का संबोधन : विवाद छोड़ें, विकास अपनाएँ

वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने कहा कि आपसी विवाद से समाज में कटुता बढ़ती है। लोक अदालत के माध्यम से विवादों का स्थाई निपटारा कर लोग अपनी ऊर्जा और समय विकास कार्यों में लगाएँ।

प्राधिकार सचिव का आह्वान

प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने कहा कि समाज आज भी भेदभाव और विभाजन से ग्रस्त है। लोक अदालत लोगों को एकजुट करने और सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने का माध्यम है।

बार एसोसिएशन का संकल्प

बार एसोसिएशन अध्यक्ष चन्द्रधर मल्लिक और महासचिव कृष्ण कुमार मिश्रा ने कहा कि बार और बेंच लोक अदालत की सफलता के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।

10 खंडपीठों में हुआ मामलों का निष्पादन

कार्यक्रम में कुल 10 खंडपीठों का गठन किया गया, जिनकी अध्यक्षता न्यायिक पदाधिकारियों ने की। लोक अदालत में कुल 3367 मामलों का निष्पादन किया गया।

करीब 5 करोड़ का सेटलमेंट

लोक अदालत में उत्पाद, क्लेम, लेबर, वन अधिनियम, एम.वी. एक्ट समेत विभिन्न बैंकों के ऋण, टेलीफोन और बिजली विवादों का निपटारा किया गया। इसमें कुल ₹4 करोड़ 98 लाख 66 हजार 749 रुपये का सेटलमेंट किया गया।

उपस्थितियां और संचालन

मौके पर स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी, सीजेएम मो. जूनेद आलम, एसडीजेएम तान्वी तेजस्विता, न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता और न्यायालय कर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवगोपाल मिश्रा ने की, संचालन आनंद सौरभ और धन्यवाद ज्ञापन आरती कुमारी ने किया।