श्याम महोत्सव की पंचम दिवस कथा भक्ति व उल्लास से संपन्न,
पंचम दिवस की कथा में गूंजी कृष्ण लीलाएं,झूमे श्रद्धालु
दस्तक 7 मीडिया दरभंगा
कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रहे श्याम महोत्सव के पंचम दिवस की कथा का आयोजन भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अमरनाथ प्रसाद और श्याम उत्सव परिवार के सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद देवी चित्रलेखा जी ने मधुर भजन “जय राधा माधव जय कुंजबिहारी.गाकर कथा की शुरुआत की। आज की कथा में श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं और गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन किया गया। साथ ही गिरिराज जी की सुंदर झांकी भी प्रस्तुत की गई,जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। देवी चित्रलेखा जी ने कहा–भगवान की याद आना कोई साधारण बात नहीं है,यही उनका साक्षात आगमन है। जब प्रेम होगा तभी स्मरण होगा,और जब स्मरण होगा तभी प्रभु निकट होंगे। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु भक्तों ने कई भजनों का आनंद लिया,कन्हैया साथ देना,मैं हवाले हूँ.मेरे बाँके बिहारी के नैना,करेजवा में तीर से लगे.नटखट नटखट नंद किशोर,माखन खा गयो माखन चोर.उपस्थित प्रमुख सदस्य: सी.ए.संदीप अग्रवाल,अनिल कानोडिया,सुजीत बजाज,संजय अग्रवाल,गोपाल वर्मा,अमरनाथ प्रसाद,राज पंसारी,कार्यक्रम श्रद्धा,भक्ति और उल्लास से भरपूर रहा। अगले दिन की कथा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।

