कैमूर में गेहूंवनवा नदी की सफाई के नाम पर लगभग 6 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप सामने आया है। यह गंभीर आरोप बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने कैमूर दौरे के दौरान लगाया। उन्होंने कहा कि नदी की सफाई योजना को 60 हिस्सों में बांटकर प्रशासनिक स्वीकृति लेकर भुगतान कर दिया गया, जबकि धरातल पर एक खांची मिट्टी तक नहीं निकाली गई। सांसद ने इसे भ्रष्टाचार का चरम बताते हुए इसमें पूर्व DDC ज्ञान प्रकाश और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी संजय कुमार की भूमिका बताई।
सुधाकर सिंह ने खुलासा किया कि फर्जी वेंडर ‘कृष्णा एंटरप्राइज’ को बैक डोर से सिलेक्शन लिस्ट में शामिल किया गया। खास बात यह रही कि इस वेंडर का GST नंबर जारी होने से एक साल पूर्व के बिल लगाकर लगभग 5 करोड़ रुपए की निकासी कर ली गई। सांसद का कहना है कि अधिकारियों ने इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया और फिर भी उन्हें किसी दंड का भय नहीं है।
35 किलोमीटर लंबी है नदी
स्थानीय किसानों अभिमन्यु और श्रीकृष्ण गुप्ता का कहना है कि 35 किलोमीटर लंबी यह नदी तीन प्रखंडों के सैकड़ों गांव और हजारों किसानों की जीवन दायिनी है, जिससे खेती और बाढ़ नियंत्रण दोनों प्रभावित होते हैं। लेकिन सफाई कार्य के नाम पर पैसे की बंदरबांट हो गई।
‘भारी गड़बड़ियां मिली, रिपोर्ट आज तक दबाई पड़ी’
सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि वे स्वयं पहले भी रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जांच कर चुके हैं और वहां भी भारी गड़बड़ियां मिली थीं, लेकिन रिपोर्ट आज तक दबाई पड़ी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सांसद द्वारा की गई जांच रिपोर्ट तक अधिकारियों द्वारा छिपाई जा रही है, तो इससे बड़ा भ्रष्टाचार का उदाहरण और क्या हो सकता है।
