जवाहर नवोदय विद्यालय में कुछ दिन पहले नाबालिग छात्र के आत्महत्या को लेकर उठ रहें हे कई सवाल ,पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आ जाने के बाद भी माता पिता समेत स्थानीय लोग हे नाखुश ,आंदोलन की चेतावनी।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय 

दरभंगा जिला के केवटी थाना क्षेत्र अवस्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में एक नाबालिग की हुई मौत के मामले में उसके परिजन आज भी सवाल कर रहें हे कि जतिन की मौत हत्या हे या आत्महत्या ?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाने के बाद भी माता पिता नाराज चल रहें हे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल खड़ा कर दिये हे ,जतिन के पिता संतोष कुमार साह कहते हे कि स्कूल प्रशासन के साजिश का हिस्सा भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट हे।मृतक नाबालिग छात्र के पिता कहते  हे कि स्कूल प्रशासन के मुताबिक जतिन ने गले में बेड शिट लगाकर फांसी लगा लिया था  ,उनका कहना हे कि बेड शिट को गले में बांधकर अगर फांसी लगाया जाय तों फांसी नहीं लगेगा क्यूंकि उसे कितना भी मोड़ देगा तों एक बड़ा मोटा हिस्सा बनेगा और इस वजह से फांसी नहीं लगेगा।वे कहते हे कि नाबालिग 12साल का लड़का ना उसे मोड़ पाएगा और ना ही कहीं बांध सकेगा।अगर बांध भी दिया तों लटकने पर एक हाथ बेड शिट के नीचे खसक जाएगा और गले को नहीं दबा पाएगा,इस कारण फांसी नहीं लगेगी ।उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी साजिश हे जिसके तहत उनके नाबालिग पुत्र का हत्या किया गया हे जिसका उद्भेदन जरूरी हे।

रविवार को करीब तीन सौ स्थानीय लोंगों ने एक बैठक की और कई बिंदुओं पर वृहत चर्चा की। कहा कि पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा देना चाहिये।बैठक के दौरान चर्चा हुइ और पत्रकारों को आमंत्रित किया गया जिसमें समाजसेवी प्रियंका झा भी मौजूद थी।बैठक में सवाल किया गया कि हॉस्टल के उस कमरे में 18-19बच्चे का आवास हे ऐसे में कोई भी एक बच्चा कैसे फांसी लगा सकता हे।क्यूंकि एक बच्चा ऐसी कोई हरकत करेगा तों अन्य बच्चे इसका विरोध करते ,हल्ला मचाते ,लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।घटना के दिन और उससे पहले सभी का वीडियो फुटेज स्कूल प्रशासन द्वारा मिस्त्री को बुलाकर डिलीट करा दिया गया और बताया गया सीसीटीवी खराब हे।कई ऐसे बिंदुबार साक्ष्य हे जिसे हटाने के लिये स्कूल प्रबंधक भरसक प्रयास किये हे और साक्ष्य पर पर्दा डाल रहें हे।

बेठक के बाद समाजसेवी प्रियंका ने क्या कहा सुनिये।

 

 

नितिन के माता पिता ने कहा कि अगर पुलिस प्रशासन उन्हें न्याय देने में कोताही बरतेंगे तों आंदोलन का बड़ा रूप होगा ,प्रशासन को न्याय देना पड़ेगा और उनके बेटे के हत्यारे को ढूंढना पड़ेगा।मृतक छात्र के पिता बीजेपी के कार्यकर्ता भी हे इस कारण स्थानीय सांसद और विधायक भी जिला प्रशासन पर दबाव बना रहें हे।सांसद और विधायक की सरकार रहते हुये इस प्रकरण से पर्दा नहीं उठना भी लोंगों के जुबान पर हे।तरह तरह की चर्चाएं हो रही हे।