दरभंगा की अदालत का बड़ा फैसला :अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष रहें शोभन गांव निवासी जियाउर्रहमान की हत्या के मामले में पांच हत्यारे को आजीवन सश्रम कारावास एवं एक लाख 15हजार रुपये प्रति हत्यारे को अर्थदंड की सजा।
दरभंगा की अदालत का बड़ा फैसला :अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष रहें शोभन गांव निवासी जियाउर्रहमान की हत्या के मामले में पांच हत्यारे को आजीवन सश्रम कारावास एवं एक लाख 15हजार रुपये प्रति हत्यारे को अर्थदंड की सजा।
दरभंगा की अदालत का बड़ा फैसला :अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष रहें शोभन गांव निवासी जियाउर्रहमान की हत्या के मामले में पांच हत्यारे को आजीवन सश्रम कारावास एवं एक लाख 15हजार रुपये प्रति हत्यारे को अर्थदंड की सजा।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा/विधि संवाददाता/
सिविल कोर्ट दरभंगा के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की कोर्ट ने बुधवार को दरभंगा जिला के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष रहे शोभन गाँव के निवासी जियाउर्रहमान की हत्या मामले में पांच हत्यारे को आजीवन सश्रम कारावास और एक लाख पन्द्रह हजार रुपये प्रति हत्यारे को अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।ए पी पी रेणू झा ने बताया कि श्री दिवाकर की कोर्ट ने सिमरी थानाक्षेत्र के शोभन निवासी मो. जावेद,मो. फिरोज, मो. सहाबुद्दीन ऊर्फ डब्लू,मो. छोटे और मो. वारिस करीम को भादवि की धारा 302 में आजीवन सश्रम कारावास और पचास हजार रुपये अर्थदण्ड एवं अर्थदंड भुगतान नहीं करने पर एक वर्ष की साधारण कारावास की सजा, 120(बी) में आजीवन सश्रम कारावास और पचास हजार रुपये अर्थदण्ड एवं अर्थदंड भुगतान नहीं करने पर एक वर्ष की साधारण कारावास की सजा, 25(1-बी) आर्म्स एक्ट में एक वर्ष की कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदण्ड एवं अर्थदंड भुगतान नहीं करने पर एक माह की साधारण कारावास की सजा, 27 आर्म्स एक्ट में आजीवन सश्रम कारावास और दस हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है। एपीपी रेणू झा ने बताया कि 7 दिसंबर 2022को शोभन गांव के जियाउर्रहमान की हत्या कर दी गई थी।घटना के अगले दिन 8 दिसम्बर को बांसबाड़ी में उसका शव बरामद हुआ।मृतक की पत्नी जेवा रुखसाना के आवेदन पर सिमरी थाना में 9 दिसम्बर 2022 को प्राथमिकी सं.249/22 दर्ज किया गया था।अनुसंधानक ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर दरभंगा मंडल में काराधीन कराया। वहीं काराधीन तीनों आरोपियों के बिरुद्ध अनुसंधान पूर्ण कर आरोपपत्र समर्पित किया तथा पुरक अनुसंधान जारी रखा।अनुसंधान पूर्ण कर पुनः दो आरोपियों के बिरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में समर्पित किया। दोनों आरोपपत्र पर अलग-अलग संज्ञान और आरोप गठन कर दो सत्रवाद के तहत बिचारण प्रारंभ किया गया।जिन दोनों सत्र वाद को पुनः एक में शामिल कर सत्रवाद सं. 323/23 में बिचारण प्रारंभ की गई। एपीपी श्रीमती झा ने कूल पांचों अभियुक्तों के बिरुद्ध न्यायालय में 11 गवाहों की गवाही कराई ।25 जुलाई को कोर्ट ने सत्रवाद की सूनवाई पुरी करते हुए पांचों अभियुक्त को दोषी करार दिया था ।कोर्ट ने बुधवार को अभय पक्ष की ओर से वहस उपरांत सभी पांचों दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास और प्रत्येक सजायाफ्ता को एक लाख पन्द्रह हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि दरभंगा जजशिप के अन्दर चल रहे सभी जघन्य अपराध के मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पूरी तैयारी है कि एक भी आरोपी बच नहीं पायेंगे। सभी आरोपियों को सजा दिलाने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी का टीम पूर्णतया सक्रिय हैं।पांच दोषियों को सुनाई गई सज़ा साथ साथ चलेगी।
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