डीजीपी का शख्त आदेश :सेल्फी लेने या देने से बचे पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य पुलिस कर्मी ,निजी स्वार्थ में लोग करते हें इसका गलत उपयोग ,आदेश की अवहेलना पर हो सकती हें कारवाई।

दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय 

बिहार पुलिस मुख्यालय ने एक शख्त आदेश जारी किया हें ,यह आदेश पुलिस पदाधिकारियों और जवानों पर लागू होता हें।अगर आप किसी आमजन ,स्थानीय प्रतिनिधि यां पत्रकार के साथ सेल्फी लेते हें तों आप पर कारवाई संभव हें,हाँ निजी जिंदगी में यह मनाही नहीं हें लेकिन वर्दी में सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर डालना कानून संगत नहीं हें।

अक्सर ऐसा देखा गया हें कि कई गलत प्रवृति के लोग किसी भी पदाधिकारी के योगदान के बाद शिष्टाचार भेंट के दौरान गुलदस्ता देते हुये सेल्फी ले लेते हें।ऐसा नहीं हें कि उक्त पदाधिकारी उसे जानते हें यां पहचानते हें लेकिन सेल्फी में लिये गये फोटों का लोग गलत इस्तेमाल अपने निजी स्वार्थ के लिये कर बैठते हें जो सही नहीं हें।

बिहार के डीजीपी विनय कुमार  के आदेश के अनुसार अब पुलिस पदाधिकारियों को आम लोगों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया कर्मियों के साथ सेल्फी या फोटो खिंचवाने से सख्त मना कर दिया हें । इस संबंध में उन्होंने सभी क्षेत्रीय आईजी, डीआईजी और जिलों के एसपी को पत्र भेजकर निर्देश जारी कर दिये हैं।

डीजीपी ने कहा कि कुछ लोग अपना स्वार्थ साधने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ ली गई तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।उन्होंने कहा हें कि बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली बेहद संवेदनशील है,अक्सर लोग  शिष्टाचार भेंट के दौरान भी फोटो या सेल्फी ले लेते हें और ऐसे फोटो का निहित स्वार्थ के लिये लोग गलत इस्तेमाल करते हें जबकि लिये गये सेल्फी का कोई मतलब नहीं होता हें ,यहां तक कि पदाधिकारी उसे जानते भी नहीं हें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेश की अवहेलना होने पर आचार नियमावली के प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने यह भी याद दिलाया कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 और अखिल भारतीय सेवा (आचार) नियमावली, 1968 पुलिस पदाधिकारियों पर भी लागू होती हैं।