खता किसकी ,शराब बेचने वाले या शराब पीने वाले? बहेड़ी थाना के अनुसंधानक की बड़ी लापरवाही ,शराब बेचने वाले को पुलिस के वरीय पदाधिकारियों के नजरों से बचाया ,शराब पीने वाले चौकीदार /गृहरक्षकों पर लगा आरोप।अदालत ने पीने वाले को माना दोषी ,लगाया तीन तीन हजार का जुर्माना।
खता किसकी ,शराब बेचने वाले या शराब पीने वाले? बहेड़ी थाना के अनुसंधानक की बड़ी लापरवाही ,शराब बेचने वाले को पुलिस के वरीय पदाधिकारियों के नजरों से बचाया ,शराब पीने वाले चौकीदार /गृहरक्षकों पर लगा आरोप।अदालत ने पीने वाले को माना दोषी ,लगाया तीन तीन हजार का जुर्माना।
खता किसकी ,शराब बेचने वाले या शराब पीने वाले? बहेड़ी थाना के अनुसंधानक की बड़ी लापरवाही ,शराब बेचने वाले को पुलिस के वरीय पदाधिकारियों के नजरों से बचाया ,शराब पीने वाले चौकीदार /गृहरक्षकों पर लगा आरोप।अदालत ने पीने वाले को माना दोषी ,लगाया तीन तीन हजार का जुर्माना।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा/विधि संवाददाता/
बिहार में जिनके जिम्मे शराब बंदी की जिम्मेदारी वही मिले शराबी। बहेड़ी थाना क्षेत्र के समधपुरा गाँव के निवासी चौकीदार विमलेन्द्र प्रसाद सिंह और बहेड़ी थाना में पदस्थापित गृह रक्षक गौरव कुमार को उत्पाद अधिनियम के प्रथम विशेष न्यायाधीश न्यायाधीश श्री राम झा की अदालत ने मंगलबार को उत्पाद अधिनियम की धारा 37 में दोषी करार देते हुए तीन तीन हजार रुपये की अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह सजा बहेड़ी थाना क्षेत्र के चौकीदार विमलेंद्र प्रसाद सिंह एवं गृह रक्षक गौरव कुमार के द्वारा शराव पीने का दोष स्वीकारोक्ति के बाद तीन तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। बहेड़ी थाना के चौकीदार भवन के पास गत 18 अगस्त को दोनो आरोपी शराव पीकर शोरगुल कर रहा था। जिसकी सूचना पाकर बहेड़ी थाना के सअनि धर्मेंद्र कुमार चौबे प्रभारी थानाध्यक्ष के साथ स्थल पर पहुंचा। दोनो ने देखा कि चौकीदार और गृह रक्षक शराव के नशे में हल्ला कर रहा है। इसी बीच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बेनीपुर बहेड़ी थाना का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए।उनके आदेश पर ब्रेथ एन लाइज़र से जांच की गई तो दोनों में शराव की मात्रा पाई गई। दोनो ने बताया कि वे लोग बहेड़ी स्थित भारत लाइन होटल से शराव लाकर पीने का कार्य किया है। जिस बात को सूचक ने प्राथिमिकी में अंकित किया है। सूचक सअनि के लिखित व्यान पर बहेड़ी थाना में दोनों शरावी के बिरुध कांड संख्या 341/2025दर्ज की गई। मामले का अनुसंधानक धर्मदेव सिंह यादव को बनाया गया। अनुसंधानक ने मामले का अनुसंधान पूर्ण कर दोनो आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र संख्या 328/25 समर्पित किया। वहीं चर्चा है कि कथित भारत लाइन होटल के विरुद्ध अनुसंधानक ने कोई कारबाई नही किया। उक्त मामला वाद संख्या 1344/25 अंकित किया गया। कोर्ट ने 19 अगस्त 25 को 37 बिहार मद्य निषेद्य अधिनियम के तहत संज्ञान लिया।
दोनो आरोपपत्रित अभियुक्त ने कोर्ट के समक्ष अपना दोष स्वीकार किया। कोर्ट ने दोनों दोषियों को तीन तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। स्पेशल पीपी हरेराम साहू ने बताया कि सजा सुनने के बाद दोषी बहेड़ी थाना क्षेत्र के समधपुरा गांव निवासी स्वर्गीय मुनेश्वर प्रसाद सिंह के पुत्र चौकीदार विमलेंद्र प्रसाद सिंह एवं तिलकेश्वर थाना क्षेत्र के घोरदौर गांव निवासी मुरारी पासवान के पुत्र गौरव कुमार गृह रक्षक ने क्रमशः तीन तीन हजार रुपये अर्थदंड की राशि व्यबहार न्यायालय के नजारत में जमा किया। अर्थदंड की राशि जमा करने के पश्चात अदालत ने दोनों को इस मामले से मुक्त किया।