शिक्षा विभाग के करतूत की जानकारी लेनी हें तो और विस्तृत जानकारी लीजिये ,शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव महोदय ,लेन देंन के कारनामे बहूत हें ,बस और भी कारवाई की जरूरत हें ?
शिक्षा विभाग के करतूत की जानकारी लेनी हें तो और विस्तृत जानकारी लीजिये ,शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव महोदय ,लेन देंन के कारनामे बहूत हें ,बस और भी कारवाई की जरूरत हें ?
कुशेश्वरस्थान/प्रशांत कुमार
शिक्षा विभाग में कैसे लूट हो रही है इसका जीता जागता कहानी कुशेश्वरस्थान नगर पंचायत से सामने आ रही है। यहां प्रखंड ही नही बल्कि जिला तक के अधिकारियों में सिर्फ लूट की खलबली मची हुई है। यहां अधिकारियों को मोटी रकम दो जो मर्जी वो करा लो।
मामला कुशेश्वरस्थान पूर्वी नगर पंचायत से सामने आया है। यहां के पदाधिकारी और कर्मी पैसे लेकर शिक्षक को कभी इस विद्यालय तो कभी उस विद्यालय में तबादला कर रहें है। और नगर नियोजन इकाई को इसकी भनक तक नही लग रही है।
बता दें कि वर्ष 2011-12 में कुशेश्वरस्थान उत्तरी पंचायत के प्राथमिक विद्यालय खतबे टोल के एक शिक्षक चंदन कुमार साह का तबादला उस समय के पंचायत नियोजन इकाई ने प्राथमिक विद्यालय बहेड़ा मुसहरी में कर दिया था। जिसमें शिक्षक पर नशा कर विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया था। शिक्षक चंदन ने बहेड़ा मुसहरी में अपना योगदान लिया पर अपने कर्तव्य पथ पर चलते हुए नशा का सेवन करना नही छोड़ा।
3 मार्च 2021 को कुशेश्वरस्थान उत्तरी पंचायत का संपूर्ण एवं कुशेश्वरस्थान दक्षिणी पंचायत का आंशिक भाग को जोड़कर नगर पंचायत कुशेश्वरस्थान पूर्वी का गठन किया गया। और नगर पंचायत का नियम कानून लागू कर दिया गया। सभी कार्य नगर पालिका के अधीन होने लगी।
अब सवाल यह उठता है कि अगर कुशेश्वरस्थान उत्तरी पंचायत जब नगर निकाय बन गई तो उत्तरी के तत्कालीन पंचायत सचिव पवन कुमार सिंह ने अपने पत्रांक 21 दिनांक 12 जून 2021 से पत्र निर्गत कर चंदन कुमार साह का स्थानांतरण प्राथमिक विद्यालय बहेड़ा मुसहरी से प्राथमिक विद्यालय नवटोलिया तरबन्ना किस आधार पर कर दिया।
स्थानांतरण होने के बाद चंदन साह नवटोलिया तरबन्ना में अपना योगदान तो ले लिया पर कहानी वही चलती रही। नशे के हालात में विद्यालय आना जाना लगा रहा। जिसकी शिकायत कई बार संबंधित पदाधिकारियों से स्थानीय ग्रामीणों ने लिखित में की। पर इस नशेड़ी शिक्षक पर किसी प्रकार की कार्यवाई नही की गई। यह सिलसिला कई महीनों तक चलता रहा।
फिर यहां धमाकेदार एंट्री होती है नए पंचायत सचिव दिनेश कुमार चौधरी की। ये साहब का योगदान लिए कुछ ही दिन बीतते है और इसने भी वही काम कर दिखाया जो पूर्व के पंचायत सचिव पवन सिंह ने किया था। पंचायत सचिव दिनेश चौधरी ने अपने पत्रांक 02 और दिनांक 15 फरवरी 2023 के द्वारा पत्र निर्गत कर शिक्षक चंदन कुमार का स्थानांतरण नवटोलिया तरबन्ना से पुनः बहेड़ा मुसहरी में ही कर दिया।
स्थानांतरण होने के बाद प्राथमिक विद्यालय नवटोलिया तरबन्ना से चंदन को विद्यालय के पत्रांक 16 दिनांक 24 फरवरी 2023 के द्वारा बहेड़ा मुसहरी में योगदान के लिए विरमित भी कर दिया गया।
अब कमाल की बात यह है कि नवटोलिया तरबन्ना से विरमित होने के बाद से चंदन कुमार साह लापता हो गया है। शिक्षा विभाग को भी नही पता कि उसका एक शिक्षक कौन से मेले में गुम हो गया है। विगत 6 माह से चंदन बहेड़ा मुसहरी में योगदान लिया ही नही है।
6 महीने बाद इस खेल में होती है जिला शिक्षा पदाधिकारी की भी एंट्री। कार्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी के पत्रांक 1656 दिनांक 8 अगस्त 2023 के द्वारा प्रधानाध्यापक नवटोलिया तरबन्ना को पत्र निर्गत कर कहा गया कि जब तक नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी कोई निर्णय नही ले लेते तब तक शिक्षक चंदन कुमार को नवटोलिया तरबन्ना में ही शिक्षण कार्य करने की अनुमति दी जाती है।
है ना कमाल की बात, जब चंदन कुमार को नवटोलिया तरबन्ना से 6 माह पूर्व ही विरमित कर दिया गया तो किस आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने उसी विद्यालय में शिक्षण कार्य करने की अनुमति दे दिया।जानकार लोग बताते है कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का कार्यालय हो या जिला शिक्षा पदाधिकारी सभी शिक्षकों से मोटी रकम लेकर किसी तरह का चिट्ठी निर्गत कर देता है। अगर विद्यालय जांच में शिक्षक अनुपस्थित पाये जाते है या फिर विद्यालय में अनियमितता पकड़ी जाती है तो शिक्षकों से पांच से पच्चास हजार का नजराने की मांग की जाती है। अब देखने वाली बात यह है कि इस मामले में विभाग दोषी शिक्षक और पदाधिकारियों पर कारवाई करती है या फिर मामला को रफा दफा।