भदोही के कला तुलसी गांव में एक सप्ताह तक चले श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का रविवार को समापन हुआ। कथा स्थल पर दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे। कथावाचक शुभम जी महाराज ने अंतिम दिन श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह मित्रता सच्चे प्रेम और निस्वार्थ भावना का प्रतीक है।

श्रीकृष्ण द्वारा गरीब मित्र सुदामा का राजपथ पर स्वागत करने का प्रसंग सुनाया। वृंदावन से आए नवल किशोर शर्मा और चक्रधर तिवारी ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं है। यह जीवन जीने की कला सिखाता है। कार्यक्रम में हरे कृष्ण, राधे-राधे और जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे।

आयोजन में आदर्श पांडेय, राम सेवक पांडेय, आचार्य विकास दुबे, रामजन्म पांडेय समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को नई दिशा देते हैं। कार्यक्रम के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। यह कथा श्रद्धालुओं के लिए यादगार बन गई है।