भागलपुर में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई है। मरीज के परिजनों का आरोप है कि नाथनगर रेफरल अस्पताल में आधे घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन डॉक्टर नहीं आए। हालत गंभीर होने पर दूसरे शिफ्ट के डॉक्टर ने यात्री शेड पर ही जांच करके मायागंज भेज दिया।

कंपनीबाग कौआकोली इलाके से यशोदा देवी(62) रविवार को इलाज कराने अस्पताल पहुंची थी। वहीं, इस संबंध में अस्पताल प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल बंद था।

बेड नहीं मिलने पर शेड पर मरीज को लिटा दिया।

हालत बिगड़ने पर मायागंज भेज दिया

यशोदा देवी की बेटी खुशबू ने बताया कि पहले आधे घंटे तक एंबुलेंस में मरीज इलाज की आस में पड़ी रही। उसके बाद दूसरे शिफ्ट के डॉक्टर आए। कहा कि मरीज को उतारकर अंदर लाइए।

बिना स्ट्रेचर के परिजनों ने हाथ के सहारे एंबुलेंस से नीचे उतारा। इसके बाद अस्पताल में बेड नहीं मिला, शेड पर मरीज को लिटाया गया। नॉर्मल चेकअप के बाद रेफर कर दिया। ये घोर लापरवाही है। इलाज के लिए मां तड़पती रही। उन्हें फीवर सहित कई गंभीर बीमारी थी।