सीवान में एक बार फिर पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठे हैं। शनिवार को एसआईटी प्रभारी विनोद कुमार सिंह की टीम ने युवक को गोली मार दी। घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के भंटापोखर गांव के पास हुई। घायल युवक की पहचान लक्खी तिवारी निवासी पंडितपुरा, थाना मैरवा के रूप में हुई है। उसे गंभीर हालत में सीवान सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों पैरों में घुटने के नीचे गोली लगी है।

पुलिस इसे मुठभेड़ का नतीजा बता रही है। हालांकि, घटना पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। वहीं, अस्पताल में घायल लक्खी तिवारी ने पुलिस के दावे को पूरी तरह नकार दिया।

अस्पताल में घायल लक्खी तिवारी ने पुलिस के दावे को नकारते हुए जबरन उठाकर पैरों में गोली मारने का आरोप लगाया है।

“जूस लेने गया था, जबरन उठाकर गोली मारी” – घायल

अस्पताल में मीडिया से बातचीत में लक्खी ने आरोप लगाया—“मैं अपनी मां के लिए श्यामपुर बाजार से जूस लेने गया था। तभी एसआईटी प्रभारी विनोद कुमार सिंह और उनकी टीम ने मुझे जबरन उठा लिया। पहले पानी में डुबोया और फिर दोनों पैरों में गोली मार दी। मैंने न तो फायरिंग की और न भागने की कोशिश की। मौके पर ग्रामीण गवाह हैं।”

पहले भी फंसाने का आरोप

लक्खी ने यह भी कहा कि, जब विनोद सिंह मैरवा थाना प्रभारी थे, तब भी उन्होंने कई बार झूठे केस में फंसाने की कोशिश की। एसआईटी प्रभारी बनने के बाद से ही वे उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे।

अस्पताल में हंगामा, पत्रकारों से हाथापाई

घटना के बाद सदर अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मीडिया जब घायल से बात करने पहुंचा तो मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की। इस दौरान पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई भी हुई। इसके बावजूद लक्खी ने कैमरे पर अपने बयान में एसआईटी प्रभारी पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप दोहराया।

पहले भी लग चुके हैं आरोप

एसआईटी प्रभारी विनोद सिंह पर यह पहला आरोप नहीं है। हाल ही में नगर थाना क्षेत्र के सिसवन ढाला के पास भी एक युवक को देर रात उठाकर हथियार बरामदगी दिखाने के नाम पर गोली मारे जाने का मामला सामने आया था।