वार्डेन का आरोप- एचएम और शिक्षिका की शह पर दाखिल हुए, दस्तावेज भी ले गए।
वार्डेन ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर की कार्रवाई की मांग।
सुपौल के के.जी.बी.वी. बलबा पुनर्वास केंद्र में स्थित बालिका छात्रावास की व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है। यह छात्रावास सामान्य और मूकबधिर बालिकाओं के लिए बनाया गया था।

वार्डेन ने जिला पदाधिकारी को दिए आवेदन में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि केंद्र के एचएम-सह-संचालक विनोद यादव और शिक्षिका अंजना सिंह की मदद से कुछ लोगों ने छात्रावास पर कब्जा कर लिया है।

2 अगस्त 2025 को वार्डेन की अनुपस्थिति में संचालक ने स्कूल का पत्रांक, लेटरपैड और संचालन समिति पंजी अपने कब्जे में ले ली। इसके बाद अपने करीबी लोगों को समिति में शामिल कर लिया। वार्डेन के विरोध करने पर उन्हें गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई।

12 अगस्त को अंजना सिंह और विनोद यादव ने छात्रावास में घुसकर वार्डेन से बदसलूकी की। उन्होंने आगंतुक पंजी पर हस्ताक्षर करने से भी मना कर दिया।

छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर है। चारदीवारी अधूरी है और सामने एक बड़ा तालाब है। यह मूकबधिर बालिकाओं के लिए खतरनाक स्थिति है। पहले भी 16 सितंबर 2024 और 3 अप्रैल 2025 को मूकबधिर छात्राएं लापता हो चुकी हैं।

वार्डेन का आरोप है कि शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी भी इस मामले में शामिल हैं। मूकबधिर छात्राओं की शिक्षिकाओं और सहायिकाओं की उपस्थिति पंजी को नियमों के विरुद्ध मध्य विद्यालय बलबा पुनर्वास के कार्यालय में रखा जाता है। वहां अनुपस्थित कर्मचारियों की हाजिरी भर दी जाती है।

जिला प्रशासन से मांग की गई है कि छात्रावास से अवैध कब्जा हटाया जाए। दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए और छात्राओं की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।