मधुबनी जिला के पांच बॉर्डर थाने में हुई पोस्टिंग के मामले में सवालों के घेरे में हें वरीय पुलिस पदाधिकारी ,हरलाखी थाने में तीन महीना पहले ही हुई थी थानेदार की पोस्टिंग ,लेकिन अब बन गये लदनिया के थानेदार ,नियम को ताक पर रखकर करते हें वरीय पुलिस पदाधिकारी पोस्टिंग।
मधुबनी जिला के पांच बॉर्डर थाने में हुई पोस्टिंग के मामले में सवालों के घेरे में हें वरीय पुलिस पदाधिकारी ,हरलाखी थाने में तीन महीना पहले ही हुई थी थानेदार की पोस्टिंग ,लेकिन अब बन गये लदनिया के थानेदार ,नियम को ताक पर रखकर करते हें वरीय पुलिस पदाधिकारी पोस्टिंग।
मधुबनी जिला के पांच बॉर्डर थाने में हुई पोस्टिंग के मामले में सवालों के घेरे में हें वरीय पुलिस पदाधिकारी ,हरलाखी थाने में तीन महीना पहले ही हुई थी थानेदार की पोस्टिंग ,लेकिन अब बन गये लदनिया के थानेदार ,नियम को ताक पर रखकर करते हें वरीय पुलिस पदाधिकारी पोस्टिंग।
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
मधुबनी जिले में पांच थानेदारों की पोस्टिंग चर्चा का विषय बन गया हें जबकि समस्तीपुर और दरभंगा जिला के एसपी जिला में योगदान दिये पुलिस पदाधिकारियों की पोस्टिंग के लिये उनकी जन्म कुंडली खंगाल रहें हें ताकि आने वाले चुनाव में बेहतर थानेदारों की पोस्टिंग हो,कई थाने खाली हो गये हें लेकिन समस्तीपुर और दरभंगा में पोस्टिंग अभी तक नहीं हुई हें।हालांकि अलग अलग जिला के सभी एसपी की अलग अलग कार्यशैली हें ,इसमें दरभंगा और समस्तीपुर के जिलों में अप्रत्यक्ष रूप से ना एसपी का दलाल सिपाही हें और ना ही अवैध उगाही की जाती हें लेकिन मधुबनी जिला की पुलिसिया कार्यशैली पर कई प्रश्न हें ?
बॉर्डर वाला जिला मधुबनी हें ,पुलिस महकमे से लेकर आम लोंगों के बींच यह चर्चा आम हें कि यहां थाने अप्रत्यक्ष रूप से बिकते हें जिसका कोई साक्ष्य नहीं होता,हाँ प्रत्यक्ष रूप से कागजी घोड़ा भी दौड़ता हें और उसपर बड़े हाकिम मुहर भी लगाते हें , फिर जल्दबाजी क्यूँ ना हो ?बाहर जिला से आये पुलिस पदाधिकारियों का इंतजार ऐसे में क्यूँ किया जाय ।
मजेदार बात यह हें कि मधुबनी जिले के दो चर्चित दलाल सिपाही के आगे सभी वरीय पुलिस पदाधिकारी अंधे हो जाते हें ,वजह साफ हें पैसा ,इन पैसों की बंदरबाट नीचे से उपर तक होती हें।उपर बैठे पदाधिकारी भी सह दे जाते हें।यह सारा खेल अप्रत्यक्ष रूप में होता हें लेकिन कागजों के खेल का अवलोकन हो तों सारा भेद खुल जाएगा।
पांच थानेदारो की पोस्टिंग 8अगस्त को हुई हें ।इस पूरे पहलू में मजेदार बात यह हें कि दूसरे जिलों से बदलकर आये एक भी पदाधिकारियों की पोस्टिंग इन पांचों थाने में नहीं हुई। थानेदारो की इस पोस्टिंग में दो सिपाहियों की ईश्वरीय कृपा प्राप्त हें।
जिन थानेदारों की पोस्टिंग हुई हें इसमें पुनि मनोज कुमार को सकरी थाना ,पुनि अखिलेश कुमार को लौकहा थाना ,पुनि अनूप कुमार को लदनिया थाना ,पुनि रंजीत कुमार को हरलाखी थाना एवं पुअनि विकास कुमार को बासोंपट्टी थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी एसपी ने सौंपी हें या यूं कहें तों दोनों सिपाहियों की कृपा इन सब पर बरस पड़ी हें,पुलिस सूत्र बताते हें कि थाने की बोली के बाद ही थानेदारो की पोस्टिंग हुई हें वह भी सीना ठोंककर ,क्यूंकि वरीय पदाधिकारियों के अनुमोदन के बाद ही अलग अलग थानो में थानेदारो की पोस्टिंग हुई हें।
अब पुलिस सूत्र ही उदाहरण देते हुये बताते हें कि
आखिर पुनि अनूप कुमार में क्या ऐसी बात हें कि लगातार बॉर्डर थाने की उसे जवाबदेही मिल रही हें।तीन महीना पहले हरलाखी और तीन माह बाद लदनिया थाने का थानेदार ,यह आश्चर्य नहीं घोर आश्चर्य हें।सूत्र बताते हें कि कौन सी ऐसी वारदात हो गयी या बड़ी घटना हुई जिसे सिर्फ और सिर्फ पुनि अनूप ही संभाल सकते हें और आनन फानन में तीन माह बाद ही पोस्टिंग एक थाने से दूसरे बॉर्डर थाने में कर दी जाती हें।
पुलिस सूत्रों पर ही भरोसा करें तों अनूप कुमार का स्थानांतरण मुजफ्फरपुर जिला से मधुबनी जिला के लिये किया गया था उस वक्त पुलिसकर्मियों में चर्चा थी कि इनपर मुजफ्फरपुर जिला में कई संगीन और बड़े आरोप लगे थे और इसी कारण इनका तबादला मधुबनी जिला हुआ था। लेकिन कुछ ही दिनों में इनकी पोस्टिंग जिले के सबसे “मालदार थाना जयनगर” में हो गई । जयनगर में तों पहले से विप्लव मचा हुआ था लेकिन यह थानेदार उन पर भी भारी गया। पुलिस सूत्र बताते हें कि जयनगर थाने के एक सिपाही को गोली लगी थी इस मामले को डीआईजी बाबू राम ने गंभीरता से लिया जिस कारण जयनगर थाना से इन्हें निलंबित कर दिया गया था।पुलिस सूत्र बताते हें कि इन्होंने एक शराब तस्कर गिरोह को काफी सपोर्ट किया था जो बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी करता था और उस तस्कर के कहने पर इन्होंने विरोधी खेमा का शराब पकड़ लिया। विरोधी खेमा इससे आजिज होकर पेंथर सिपाही पर गोली चला दी ,जिससे सिपाही बुरी तरह जख्मी हो गया , आश्चर्य जनक बात तब हो गई जब सिपाही को गोली लगी तों सहयोगी शराब तस्कर का स्कार्पियो घटनास्थल पर ही मौजूद था , उसी स्कार्पियो से पुलिस जख्मी सिपाही को इलाज के लिये उठाकर अस्पताल ले गया। समझदार के लिये इतना इशारा काफी हें कि स्कार्पियो पहले से वहां क्यूँ मौजूद था? इस मामले को लेकर डीआईजी बाबू राम ने एसपी के माध्यम से थानेदार से स्पष्टीकरण पूछा था लेकिन मामले में कागजी खानापूर्ति हो गई और कहा जाता हें कि इस मामले में उनपर कोई विभागीय कारवाई नहीं हुई।अगर विभागीय कारवाई हुई रहती तों आज थानेदार नहीं बनते।
सूत्रों पर भरोसा करें तों पुनि अनूप की पोस्टिंग जयनगर थाने में 2नवंबर 23को हुई थी और 19जून 24को इसी मामले में कारवाई हो गई थी,इन्हें लाईन क्लोज किया गया था।ऐसे गंभीर मामलों में पुलिस विभाग में निलंबन और विभागीय कार्यवाही चलती हें,लेकिन विभागीय कारवाई नदारद।कहा जाता हें कि दो सिपाहियों की कृपा दृष्टि के कारण कुछ महीनों के बाद इनकी पोस्टिंग पुनः नेपाल बॉर्डर के थाना हरलाखी में 7मई 25को की जाती हें ,मगर तीन माह अभी बीते भी नहीं हें इनकी पोस्टिंग फिर से नेपाल बॉर्डर के लदनिया थाने में हो जाती हें। जैसे लगता हें कि हरलाखी थाने के दो साल का टारगेट इन्होंने तीन महीनों में ही पुरा कर लिया हो ।
अगर नियमों की बात करें तों सरकारी नियमानुसार थाने में पोस्टिंग के बाद दो साल तक उन्हें थाने में बने रहना हें ,हाँ इस बींच अगर उनपर कोई आरोप लगता हें और आरोप सिद्ध होता हें तों एसपी द्वारा कारवाई कर हटाया जा सकता हें लेकिन पुनि अनूप के मामले में ऐसा कुछ हुआ नहीं और उन्हें महज तीन महीना में ही वहां से बदलकर लदनिया थाना में पोस्टिंग 8अगस्त 25 को हो जाती हें।यही नहीं सदर अंचल के पुलिस निरीक्षक अखिलेश कुमार का डेढ़ साल बीता नहीं हें और उन्हें लोकहा थाना में थानाध्यक्ष पद पर आसीन कर दिया गया।
यूं कहें तों एक सिपाही का दिमाग और वरीय पुलिस अधिकारियों के कागजी खेल का पन्ना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में पर्याप्त हें।कहा जाता हें मधुबनी जिला में थानेदार कम वर्दी के रूप में शराब माफिया ज्यादा हें।पुलिस सूत्र बताते हें कि इसी कारण बॉर्डर इलाके सहित अन्य थानो की बोली लगती हें।
इस जिले में अप्रत्यक्ष रूप से बड़े -बड़े मामलों में बड़ा खेल होता हें जिसे प्रत्यक्ष रूप से कागजी घोड़ा दौड़ाकर गलत को भी सही ठहरा दिया जाता हें।यह कागजी खेल कैसे होता हें , इसका प्रत्यक्ष उदाहरण सबूत के साथ दस्तक 7मीडिया अगले अंक में प्रकाशित करेगा।