भागलपुर: बिहार के भागलपुर में बाढ़ ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है. जिले के कोसी और गंगा नदी तूफान पर है. दोनों नदी के किनारे रहने वाले लाखों लोग परेशान हैं. हजारों की संख्या में घर बाढ़ के पानी में डूब गया है. वहां से लोग पलायन कर ऊंचे स्थानों पर चले आए हैं. वहीं बड़ी संख्या में लोग हवाई अड्डा मैदान में अस्थायी आशियाना बना लिया है. ऐसे में प्रशासन ने जब उनको हटाने की कोशिश की तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.
बाढ़ पीड़ितों को हवाई अड्डा से हटाने के लिए जब प्रशासन की टीम भारी संख्या में पुलिस बल और बुलडोजर के साथ हवाई अड्डा पहुंची तो जमकर हंगामा हुआ है. प्रशासन उनके लिए दूसरे स्थान पर उनके लिए व्यवस्था करने की बात कह रहा है लेकिन पीड़ितों का कहना है कि दूसरे स्थान पर वह नहीं जाएंगे.
भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों का प्रदर्शन
असल में जिले के नाथनगर और नारायणपुर का दियारा इलाका पूरी तरफ से बाढ़ प्रभावित है. वहां से लोग शरण लेने के लिए हवाई अड्डा पहुंचे हैं और यहां पर अपने संसाधन से तंबू बनाया है. बच्चों और मवेशी को लेकर रहने के लिए पहुंचे हैं लेकिन जिला प्रशासन उनके तंबू को उजाड़ने के लिए जेसीबी और भारी पुलिस बल के साथ पहुंच गया. लोगों का कहना है कि गंगा में फेंक दीजिए लेकिन यहां से नहीं जाएंगे.
‘गंगा में फेंक दीजिए लेकिन नहीं हटेंगे’:नाथनगर के दियारा से अपने परिवार के साथ हवाई अड्डा रहने के लिए पहुंची बाढ़ पीड़ित सुरती देवी ने कहा कि हम लोग यहां से नहीं हटेंगे. मेरा पूरा घर डूब गया है. रहने के लिए कहीं कोई जगह नहीं है. हम लोग पहले से ही यहां रह रहे हैं. हर वर्ष हम लोग यहां पर आकर रहते हैं लेकिन इस वर्ष हटाया जा रहा है.
“जब बुलडोजर हमारे तंबू को करने के लिए लगाएगा तो हम इस तंबू के सामने खड़े हो जाएंगे और उसे तो तंबू पर ही बैठ जाएंगे. हमें ही गंगा में बहा दीजिए लेकिन हम अपने यहां से नहीं हटेंगे.”- सुरती देवी, उमा चरण दास, बाढ़ प्रभावित
वहीं, नारायणपुर के दियारा से हवाई अड्डा करने के लिए पहुंचे बाढ़ पीड़ित उमा चरण दास ने कहा कि समूचा गांव पानी में डूब गया है. वह यहां परिवार और मवेशी को लेकर रहने के लिए पहुंचे हैं लेकिन यहां राष्ट्रपति आगमन का हवाला देकर हम लोगों को भगाया जा रहा है.
“हम लोग को पहले से यदि जहां व्यवस्था था, वहां भेज दिया होता तो हम लोग चले जाते लेकिन अभी यहां पर ऐसा किया जा रहा है. पुलिस कह रही है कि शाम तक यहां से हटो नहीं तो जबरदस्ती हटाया जाएगा.”-उमा चरण दास, बाढ़ प्रभावित
बाढ़ पीड़ितों को बुलडोजर से हटाने के लिए पहुंचा प्रशासन
मौके पर मौजूद एसडीओ का साफ कहना है कि किसी भी हाल में भारी संख्या में बाल तैनाती कर लोगों को हटाया जाएगा, क्योंकि इसको लेकर सख्त आदेश है. उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए मारवाड़ी कॉलेज के पीछे बाल निकेतन में इंतजाम किए जा रहे हैं. हमलोगों लोगों को समझा रहे हैं लेकिन अगर नहीं माने तो सख्ती करनी पड़ेगी.
“हर हाल में यहां रह रहे लोगों को हटाया जाएगा. यहां पर एयरपोर्ट है. एयरपोर्ट की आंतरिक सुरक्षा है. यहां राष्ट्रपति महोदया का दौरा प्रस्तावित है, उनका आगमन इसी हवाई अड्डे पर होना है. जिस वजह से सभी लोगों को हटाया ही पड़ेगा.”- विकास कुमार, एसडीएम
कब आएंगी राष्ट्रपति?:आपको बताएं दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 17-22 अगस्त के बीच संभावित कार्यक्रम है. यहां वह तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में तिलकामांझी की प्रतिमा का अनावरण कर सकती हैं. इसके साथ ही विक्रमशिला विश्वविद्यालय के भग्नावशेष का भी निरीक्षण करेंगी. इसको लेकर हवाई अड्डा ग्राउंड को प्रशासन खाली कराने पहुंचा है.
