बिरौल अंचल अधिकारी के खिलाफ जोरदार प्रतिवाद मार्च, सरकार और अंचल प्रशासन के विरुद्ध किया जमकर नारेबाजी।
बिरौल अंचल अधिकारी के खिलाफ जोरदार प्रतिवाद मार्च, सरकार और अंचल प्रशासन के विरुद्ध किया जमकर नारेबाजी।
बिरौल अंचल अधिकारी के खिलाफ जोरदार प्रतिवाद मार्च, सरकार और अंचल प्रशासन के विरुद्ध किया जमकर नारेबाजी।
दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
पटनिया पंचायत में पंचायत सरकार भवन निर्माण के नाम पर गरीबों को उनकी जमीन से बेदखल करने के विरोध में आज बिरौल में अंचल अधिकारी (सीओ) के खिलाफ एक विशाल प्रतिवाद मार्च आयोजित किया गया। यह मार्च भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला समिति सदस्य अशर्फी दास के नेतृत्व में निकाला गया।
शहरी स्वास्थ्य केंद्र बिरौल से शुरू हुआ यह मार्च सुपौल-कुशेश्वर मुख्य मार्ग पर कोठी चौक होते हुए बिरौल प्रखंड कार्यालय तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और सीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रखंड कार्यालय से यह जुलूस वापस शहरी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा, जहाँ यह एक जनसभा में बदल गया।
सभा को संबोधित करते हुए अशर्फी दास ने सीओ के कृत्य की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि पटनिया की जिस जमीन पर पंचायत सरकार भवन बनाने की बात की जा रही है, वह जमीन “केवला” से प्राप्त है और नए खतियान में त्रुटियों के चलते उस पर टाइटल सूट चल रहा है। दास ने आरोप लगाया कि इन कानूनी पेचीदगियों के बावजूद, सीओ ने कानून की अवहेलना करते हुए गरीबों की जमीन को जेसीबी से खोदकर तानाशाही का प्रदर्शन किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि रैयत सीओ के इस कार्रवाई के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
श्री दास ने जोर देकर कहा कि गरीब अपनी जमीन के लिए अपना जीवन देने को तैयार हैं, लेकिन वे अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सीओ को इस कृत्य के लिए अदालत में जवाबदेह ठहराया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में विजय दास, मीता राम, लाल बाबू, अजय दास, ललित पासवान, सीताराम पासवान, जगरनाथ दास, शिवनाथ दास, रीता देवी, गौरी देवी, उर्मिला देवी, अमेरिका देवी, रंजन देवी, रंगीला देवी सहित कई अन्य ग्रामीण और कार्यकर्ता शामिल थे।
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