भागलपुर में वेतन नहीं मिलने से नाराज वन विभाग के दर्जनों पशु रक्षकों ने शुक्रवार को भागलपुर वन प्रमंडल कार्यालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मियों का कहना था कि बीते 18 महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो गई है।

नवगछिया, कहलगांव, सुल्तानगंज, गोपालपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पशु रक्षकों ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से विभाग से उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। वे लगातार विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाते रहे हैं। लेकिन, हर बार केवल आश्वासन ही मिला है। “कभी कहा जाता है कि दो दिन में वेतन आ जाएगा। कभी पांच दिन का समय मांगा जाता है। लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ”, एक कर्मी ने कहा कि कर्ज लेकर घर चला रहे है। बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।

बिना वेतन के गुजारा मुश्किल

प्रदर्शन कर रहे दिलीप ने बताया कि बिना वेतन के अब गुजारा मुश्किल हो गया है। कई लोग कर्ज में डूब चुके हैं। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। महंगाई के इस दौर में 18 महीने बिना वेतन काम करना आसान नहीं है।

पशु रक्षकों का काम विभाग की ओर से लगाए गए पौधों और वृक्षों की देखभाल करना है। ये कर्मी पौधों की सिंचाई, सुरक्षा, सफाई और निगरानी जैसे काम करते हैं। लोगों का कहना है कि वे लगातार काम कर रहे हैं, फिर भी वेतन नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।

कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे उग्र आंदोलन

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द वेतन भुगतान नहीं हुआ तो वे अगला कदम उठाने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है। प्रदर्शन में मौजूद वन विभाग के अनुज कुमार ने कहा कि “हम हर दिन पेड़ों की देखभाल करते हैं, धूप हो या बारिश हो। लेकिन हमें मजदूरी नहीं मिलती। हम मशीन नहीं है, इंसान हैं।”

मनोहर यादव ने कहा कि“सरकार से हमारी मांग है कि हमारी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए। हम कोई अनावश्यक मांग नहीं कर रहे हैं। बस अपने हक की बात कर रहे हैं।”