प्रथम हॉस्पिटल, बिरौल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का हुआ सफल आयोजन। दर्जनों दंपति ने किया रक्तदान।
दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता,दरभंगा।
प्रथम हॉस्पिटल, बिरौल के प्रांगण में गुरुवार को
एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रथम हॉस्पिटल बिरौल और रक्त अधिकोष अनुमंडलीय अस्पताल, बेनीपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था।
इस रक्तदान शिविर का मुख्य आकर्षण सुपौल बाजार के व्यवसायी राजकुमार महतो और उनकी पत्नी निकिता कुमारी का दंपति था, जिन्होंने एक साथ रक्तदान किया। रक्तदान के बाद उन्होंने कहा कि इस शिविर का हिस्सा बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है और उनका मकसद है कि उनका रक्त किसी जरूरतमंद के काम आए और उसे नया जीवन मिल सके।
वहीं, गृहिणी गूंजा सेनगुप्ता ने इस शिविर में अपना पहला रक्तदान किया। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से रक्तदान करना चाहती थीं, लेकिन बिरौल में रक्त अधिकोष न होने और रक्तदान शिविरों का आयोजन न होने के कारण उन्हें अब तक यह अवसर नहीं मिल पाया था। उन्होंने प्रथम हॉस्पिटल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से आज उन्हें मानव सेवा के लिए रक्तदान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
व्यवसायी पंकज कुमार झा ने भी रक्तदान करते हुए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वह पहले भी कई बार रक्तदान कर चुके हैं और उनका एकमात्र मकसद उनके खून से किसी जरूरतमंद को नई जिंदगी मिलना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समय-समय पर ऐसे शिविरों का आयोजन होता रहना चाहिए।
इस स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में सोनू कुमार, अंकित कुमार, प्रियांशु कुमार, साहिल, हर्ष कुमार, दिलीप मुखिया, पंकज कुमार झा, माही नूर बेगम, रोमा, राजकुमार महतो, निकिता कुमारी, गूंजा सेनगुप्ता सहित कई अन्य लोगों ने भी रक्तदान किया।

प्रथम हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. राजेश झा ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें मानवता की मिसाल बताया।
उन्होंने कहा कि जहां छोटे-मोटे झगड़ों में लोग एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन जाते हैं, वहीं समाज में ऐसे लोग भी हैं जो अपना खून देकर किसी अनजान को नया जीवन देते हैं। डॉ. झा ने यह भी बताया कि प्रथम हॉस्पिटल का मुख्य लक्ष्य पीड़ित मानवता की सेवा करना है, जिसके लिए वे लगातार फ्री मेडिकल कैंप का आयोजन भी करते रहते हैं।
