कटिहार के समेली प्रखंड में बारिश की कमी के कारण धान की खेती प्रभावित हो रही है। किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक पहुंच चुका है। इससे खेतों में धान का रोपा सूखने लगा है। उमस भरी गर्मी ने जनजीवन भी अस्त-व्यस्त कर दिया है।
मुरादपुर पंचायत के कृषक रूपेश कुमार सिंह, उत्तम कुमार और पप्पू मंडल ने बताया कि इस बार उन्हें अनुदानित बीज समय पर नहीं मिला। इस कारण उन्हें बाजार से महंगे दाम पर बीज खरीदना पड़ा। अब बारिश नहीं होने से फसल बर्बाद होने के कगार पर है।
पंपसेट के सहारे कर रहे खेती
किसान मजबूरी में पंपसेट से पानी पटा रहे हैं। इससे लागत और कर्ज दोनों बढ़ते जा रहे हैं। पूरे प्रखंड में चारों ओर सूखे जैसे हालात हैं। खेतों में रोपा मुरझा रहा है। किसान अपनी मेहनत और पूंजी को नष्ट होता देख हताश हैं। जुलाई के अंतिम सप्ताह तक भी स्थिति नहीं सुधरी तो बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका है।
गर्मी व उमस से आमजन बेहाल हो गया है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में फिर इजाफा हुआ है। बारिश की जगह पसीने की झड़ी लगी है। उमस ने लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित कर दिया है। कई लोग बीमार पड़ रहे हैं।
उमस के कारण संक्रमण का खतरा
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार सिंह ने कहा कि सावन की उमस में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों को हल्का भोजन करने और उबला या साफ पानी पीने की सलाह दी है। बारिश में भीगने के बाद खुद को सुखाएं और मच्छरों से बचाव करें। बच्चों व बुजुर्गों की विशेष देखभाल करें। किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
