पेय जल संकट के निवारण को लेकर देर शाम जिलाधिकारी ने की बैठक ,दिये कई निर्देश।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /

जिलाधिकारी कौशल  कुमार अध्यक्षता में कल देर शाम आयोजित बैठक से पेयजल संकट निवारण का प्रभाव धरातल पर दिखने लगा है।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल दरभंगा द्वारा सभी अंचलों में मरम्मति दलों की संख्या में काफी संख्या बढ़ाया गया है।

आज हनुमान नगर प्रखंड में 7, बहेड़ी में 13, बहादुरपुर में 10, दरभंगा सदर में 15, मनीगाछी में 5, केवटी में 5 , हायाघाट में 4, जाले में 10, सिंहवाड़ा में 8, तारडीह में 4, बेनीपुर में 33, अलीनगर में 12, बिरौल में 14,कुशेश्वरस्थान में 6, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 7, किरतपुर में 5, गौड़ाबौराम में 6 तथा घनश्यामपुर में 4 कुल 168 मरम्मती दल कार्यरत हैं।

इसके अलावा नगर निकायों द्वारा भी पेयजल संकट का निवारण युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं।
नगर निगम दरभंगा में 8 जगहों पर प्याऊ लगाए गए हैं, 9 टैंकर्स तथा 24000 लीटर की क्षमता वाले सिंटेक्स टैंक से जलापूर्ति दिन रात की जा रही है।
नगर परिषद जाले द्वारा 6 वाटर टैंकर तथा 6 जगहों पर प्याऊ लगाए गए हैं। नगर परिषद बेनीपुर में 26 सिंटेक्स टंकियों तथा 1 वाटर टैंकर के द्वारा पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
नगर पंचायत बहेड़ी में प्रति वार्ड 1 स्थायी प्याऊ/ स्टैंडपोस्ट अर्थात कुल 15 प्याऊ एवं 2 वाटर टैंकर से जलापूर्ति हो की जा रही है।
सिंहवाड़ा नगर पंचायत में 5 प्याऊ अधिष्ठापित हैं तथा 1 सिंटेक्स टंकी एवं 2 वाटर टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है।
वहीं कमतौल नगर पंचायत में 6 प्याऊ तथा 2 वाटर टैंकर द्वारा जलापूर्ति की जा रही है।

नगर पंचायत भरवाड़ा में 10 समरसेबल कार्यरत है तथा 10 नए के अधिष्ठापन प्रक्रियाधीन है। इसके अलावा 3 वाटर टैंकर 1 सिंटेक्स टंकी तथा 3 जगहों पर प्याऊ भी उपलब्ध हैं।
घनश्यामपुर नगर पंचायत में 3 जगहों पर प्याऊ लगे है तथा 2 वाटर टैंकर एवं 2 सिंटेक्स भाड़े पर लेकर जलापूर्ति की जा रही है।

नगर पंचायत बिरौल में 2 वाटर टैंकर, 20 सिंटेक्स, 3 सबमर्सिबल एवं 5 जगहों पर प्याऊ के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
नगर पंचायत कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 1 टैंकर, 2 सिंटेक्स, 2 वाटर एटीम, 4 सबमर्सिबल और एक जगह प्याऊ लगाया गया है।
अन्य स्थानों पर भी पेयजल आपूर्ति के संबंध में निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को पेयजल की कठिनाई न हो। सभी माध्यमिक विद्यालयों के द्वारा समरसेबल से भी जलापूर्ति की जा रही है। आज जिला में पेयजल संकट के समाधान में काफी सफलता मिली है, कल और बेहतर स्थिति होगी।

जिला प्रशासन ने आम जनों से अपील की है कि वे पानी को अनावश्यक बर्बाद न करें ।