पिपराही क्षेत्र में भूजल स्तर में गिरावट के कारण जल संकट बढ़ रहा है। जून के तीसरे सप्ताह से महुआवा गांव के चापाकल सूख गए हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
पिपराही में भूजल स्तर नीचे, पानी के लिए हाहाकार पिपराही। प्रखंड क्षेत्र में भूजल स्तर नीचे चले जाने से जल संकट गहराता जा रहा है।
जून के तीसरे सप्ताह से नया गांव महुआवा में चापाकल के सूख जाने से पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। दिनोदिन जलस्तर नीचे भाग रहा है और ग्रामीणों की समस्या बढती जा रही है।अभी भी नयागांव गांव के चापाकल से पानी नही निकल रहा है।आधा केवी के मोटर से भी पानी नही निकल पा रहा है। पीने के पानी के लिए सभी परेशान हैं। कुछ लोग बाहर से पानी खरीदकर मंगा रहे हैं। जुलाई के प्रथम सप्ताह में कुअमा गांव के चापाकलों से पानी निकलना बंद हो गया। पानी के लिए यहां के लोग भी परेशान हैं।
बसहिया शेख,मोहनपुर गांव का चापाकल सूखने लगा है। जबकि मेसौढा, पिपराही, नारायणपुर, छतौना सहित अन्य कई गांव के चापाकल से पर्याप्त मात्रा में पानी नही निकल रहा है।जहां पूर्व में एक हैण्डल से एक लोटा पानी निकल जाता था। वहीं अब तीन-चार हैण्डल चलाने पर एक लोटा पानी निकल रहा है। कुअमा के मनोज कुमार यादव ने कहा कि साधारण चापाकल सुख गया है।
