उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग बिहार, पटना के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में डॉ॰भीम राव अंबेडकर सभागार में हुई बैठक ,दरभंगा के कई समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधियों ने रखे सुझाव।
उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग बिहार, पटना के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में डॉ॰भीम राव अंबेडकर सभागार में हुई बैठक ,दरभंगा के कई समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधियों ने रखे सुझाव।
उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग बिहार, पटना के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में डॉ॰भीम राव अंबेडकर सभागार में हुई बैठक ,दरभंगा के कई समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधियों ने रखे सुझाव।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /
समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर सभागार में उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग,बिहार द्वारा उच्च जातियों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा एवं भविष्य में उनके सर्वांगीण विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई।
प्रमंडलवार भ्रमण के क्रम में आयोग के अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई।
जय कृष्ण झा, राज कुमार सिंह एवं दयानन्द राय सहित आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल कौशल किशोर एवं जिला पदाधिकारी कौशल कुमार की उपस्थिति में शुक्रवार को पदाधिकारियों एवं बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया।
इस दौरान दरभंगा प्रमण्डल के दरभंगा,मधुबनी एवं समस्तीपुर जिला के विकास एवं कल्याण कार्य से जुड़े पदाधिकारियों एवं बुद्धिजीवियों,समाजसेवियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ उच्च जातियों में आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के सशक्तिकरण की कार्ययोजना पर विचार-विमर्ष किया गया एवं सुझाव की मांग की गई।
प्रियंका झा ने क्या कहा
1. उच्च वर्ग के छात्रों के लिए सरकारी छात्रावास की व्यवस्था हो।
2. आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए सुलभ छात्रवृत्ति तथा बैंकों के माध्यम से कम इंटरेस्ट रेट पर लोन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए
3. सामाजिक स्तर पर उच्च वर्ग के लोगों के साथ हो रहे भेदभाव एवं प्रताड़ना के लिए अनुमंडल स्तर पर पुलिस थाना की व्यवस्था हो।
4. सभी शैक्षणिक संस्थान एवं सरकारी नौकरी में उच्च वर्ग के महिलाओं को अलग से सीटों के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था हो।
विमर्श के क्रम में राजीव रंजन प्रसाद द्वारा यह रेखांकित किया गया कि राज्य सरकार सभी वर्गों के उत्थान हेतु प्रयासरत है एवं इस क्रम में उच्च जातियों के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के उत्थान के प्रतिबद्ध है।
बैठक में भाग लेने वाले पदाधिकारियों द्वारा उच्च जातियों में आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों का सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित होने का आंकड़ा अभी तक अलग से संधारित नहीं किया जा रहा है।
बैठक में सुझाव दिया गया कि इस संबंध में अलग से आंकड़ों के संधारण के बाद ही कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जा सकता है। इस क्रम में उच्च जातियों में से आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के प्रमाण-पत्र बनने में आने वाली कठिनाईयों की ओर भी आयोग का ध्यान आकृष्ट कराया गया।
आयोग द्वारा प्रमण्डलीय आयुक्त एवं जिला पदाधिकारी से इस संबंध में समुचित कदम उठाने का निर्देश दिया गया।
बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों एवं जनप्रतिनिधियों से विमर्श के दौरान यह सुझाव प्राप्त हुआ कि आयोग द्वारा उच्च जातियों में पिछड़े परिवार के लिए एवं उस वर्ग के छात्रों के लिए, तत्काल कुछ ऐसी योजना की अनुशंसा की जाय,जो अन्य जाति/वर्ग के लिए लागू हैं और जिसकी प्रासंगिकता/उपयुक्तता स्वयंसिद्ध है।
राजीव रंजन प्रसाद द्वारा सभी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विश्वास दिलाया गया कि आयोग,यथा संभव सुझावों के संबंध में राज्य सरकार से अनुशंसा करने एवं इसे अमल में लाने का प्रयास करेगा।