इंडिया गठबंधन समन्वय समिति के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने बिरौल में मुख्य सड़क को जाम कर धरना प्रदर्शन किया।

दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।

बिहार में इंडिया गठबंधन समन्वय समिति के आह्वान पर बिरौल अनुमंडल मुख्यालय, सुपौल खादी भंडार के निकट कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्य सड़क को जाम कर धरना प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता कांग्रेस नेता डॉ. नागेश्वर पंजियार ने की, जबकि वामपंथी नेता बैजनाथ यादव ने इसका संचालन किया। प्रदर्शनकारियों ने 44 श्रम कानूनों को रद्द कर चार मजदूर कोड बनाने के मोदी सरकार के फैसले को श्रमिकों के अधिकारों का हनन बताया।


प्रदर्शन में यह आरोप लगाया गया कि मोदी सरकार के इशारे पर भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता पुनरीक्षण के माध्यम से बिहार के प्रवासी मजदूरों, गरीबों और आम मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से हटाने की “हिटलर शाही कार्रवाई” की जा रही है।
धरना को संबोधित करते हुए आरजेडी के प्रखंड अध्यक्ष सह अधिवक्ता कैलाश कुमार ने कहा कि लोकसभा चुनाव इसी मतदाता सूची पर हुए थे, तब निर्वाचन आयोग को यह सही लगी थी, लेकिन अब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह जबरदस्ती पुनरीक्षण कार्य किया जा रहा है जिससे गरीब मजदूरों का नाम कटेगा। उन्होंने मोदी जी से इस्तीफा देने और सांसदों को इस्तीफा देकर एक साथ चुनाव कराने की मांग की। कुशेश्वरस्थान के गणेश भारती मजदूरों के पलायन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस स्थिति में मतदाता सूची से नाम काटने से गरीब और अशिक्षित मतदाताओं के नाम कट जाएंगे, जिसका फायदा भारतीय जनता पार्टी उठाना चाहती है। अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. नागेश्वर पंजियार ने मतदाता पुनरीक्षण कार्य के लिए मात्र 15 दिनों की समय सीमा थोपने को असंभव बताया। मौके पर अफजल अली खान,जिप सदस्य अजय यादव, माले के मनोज यादव, वीआईपी के महेश यादव, दिलीप आचार्य, गणेश पासवान, वीरेंद्र पासवान, अशर्फी दास सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।