संजय कुमार राय ,अपराध ब्यूरो ,दरभंगा :

कौन कहता हैं कि आसमां में सुराग नहीं होता ,दिल से एक पत्थर तो उछालो यारों …………….
जी हाँ दिल का प्रेम तो अजब -गजब का होता हैं हम बात कर रहें हैं कुशेश्वरस्थान थाना अध्यक्ष अमित कुमार का ,जिन्होंने यहां के लोंगों का दिल चुराया। उनकी बदली वहां से क्या हुई ,नजारा ही बदल गया। क्या बच्चा ,क्या बूढ़ा ,लोंगों की आँखें नम हो गई। ऐसा लग रहा था कि थानाध्यक्ष ने इलाके के लोंगों का मन मोह लिया था। दिन रविवार था। मौका था थाने का प्रभार लेन देंन का। नये थानाध्यक्ष राकेश कुमार का लोंगों ने प्रभार लेते गरम जोशी से स्वागत किया वहीं प्रभार दें रहें अमित कुमार को देखने आये वहां सेंकड़ों की भीड़ और उनके आंखों में हताशा और नम हुई आँखें देखकर इनकी भी आँखें भर आई ,मानो कोई अपना बिछड़ रहा हो।

विदाई समारोह का मौका था। देखते ही देखते भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर से लेकर थाना से चार सो मीटर की दूरी तक सिर्फ लोंग ही लोग दिखाई दें रहें थे। दरअसल कुशेश्वरस्थान स्थान में बेहतर पुलिसिंग देने का यह प्रतिफल था।करीब तीन दशक पहले ,ऐसा ही नजारा वहां के तात्कालीन थानाध्यक्ष इंदु शेखर झा की विदाई समारोह में देखने को मिला था।इंदु शेखर झा की विदाई में हाथी घोड़े पर सवार लोंगों के हुजूम ने समारोह को चार चाँद लगा दिया था।

तात्कालीन थानाध्यक्ष अमित कुमार के विदाई समारोह में बिरौल के एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी भी मौजूद थे।

थानाध्यक्ष अमित  कुमार को पूरे सम्मान के साथ विदाई की गई।

थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी ,कई जनप्रतिनिधि एवं राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अंग वस्त्र,पाग, चादर एवं पुष्प माला भेंट कर सम्मानित किया। वहीं चौकीदार दफादार संघ की ओर से उन्हें अंगवस्त्र के साथ चांदी के कलम के अलावे एक चेन भेंट किया गया। वक्ताओं ने उनके एक वर्ष चार माह के कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में किए गए कार्यों का विस्तार से चर्चा करते हुए पूर्वी प्रखंड के दियारा क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम करने में उनकी भूमिका का सराहनीय बताया। अपने संबोधन में निवर्तमान थाना अध्यक्ष श्री कुमार ने कहा कि कुशेश्वरस्थान के जनप्रतिनिधि एवं आम लोगों के सहयोग से ही दियारा क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम करने में सफलता मिली। उन्होंने लोंगों से कहा कि बिना आपके सहयोग से हम कुछ नहीं कर पाते। हम जब यहां योगदान दिये तो मुझे ऐसा लग रहा था कि दंड स्वरूप यह थाना में पोस्टिंग की गई हैं। लेकिन आप सभी के सहयोग से बेहतर काम किया।
इसी दौरान नव नियुक्त थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह भी विदाई समारोह में शामिल हुए जिनका भी लोगो ने स्वागत किया। नव नियुक्त थानाध्यक्ष श्री सिंह ने अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शराब माफिया और अपराधी तत्वों पर नकेल कसना तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना मेरी पहली प्राथमिकता में होगी। उन्होंने लोगों से सरकारी काम में दखल नहीं देने और सहयोग करने की अपील की।

इधर संबोधित करते हुए एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी ने कहा कि आपलोग जिस तरह से अमित कुमार को सहयोग किए है उसी तरह राकेश जी का भी सहयोग करें हम विश्वास दिलाते है कि थाना क्षेत्र के माफियाओं पर कारवाई होती रहेगी।
विदाई समारोह संपन्न होने के बाद स्थानीय लोगो एवं जनप्रतिनिधियों ने गाजे बाजे के साथ 17 किलोमीटर तक लगभग दो सौ मोटरसाइकिल जुलूस निकाल कर अमित कुमार का विदाई के साथ साथ उनको सम्मान दिया। जिसमें लोगो ने उनके कार्यकाल को लेकर अमित कुमार के नाम के नारे भी लगाए। एक पुलिस वाले के प्रति जनताओं का इतना प्यार देख स्थानीय लोगो मे चर्चा का विषय बन गया।


यहां बता दें कि बेहतर काम करने का प्रतिफल भी जनता देती हैं। ऐसा भी दो उदाहरण हैं। 94बेच के रवि ज्योति थानेदारी करते करते नालंदा जिला में विधायक बन गये। दरभंगा के ही रहने वाले हैं लेकिन पूर्व में हुये चुनाव में हार गये। इसी तरह औरंगाबाद जिले के कोबरा में रहें तात्कालीन थानाध्यक्ष सोम प्रकाश सिंह अपनी बेहतर प्रतिभा और न्याय देने और दिलाने में अपने क्षेत्र में इतना मशहूर हुये कि हर दिलों में अपना छाप छोड़ दिये। उनका स्थानांतरण पटना जिला बल में हुआ। पटना जिला बल में आते ही उन्होंने पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दें दिया और औरंगाबाद जिले में इसी इलाके से निर्दलीय चुनाव लड़े और सोम प्रकाश जी जीत गये।

और ऐसा ही उदाहरण रविवार को दिखाई पड़ा। जहां लोंगों का प्यार अमित के लिये बरस रहा था।

कुशेश्वरस्थान के थानाध्यक्ष अमित कुमार ने स्थानांतरित थाना कमतौल मे अपना योगदान दें दिया वहीं बाजीतपुर ओपी से राकेश कुमार ने अपना योगदान कुशेश्वरस्थान थाना में दें दिया।